डेस्क : सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों के शीघ्र निपटारे की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई करेगा। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची की पीठ ने वर्ष 2016 में दायर जनहित याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है।
सुनवाई के दौरान मामले में न्याय मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता विजय हंसारिया ने अदालत से सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि देशभर में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ बड़ी संख्या में आपराधिक मामले अभी लंबित हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, लोकसभा के 543 सदस्यों में से 251 और राज्यसभा के 233 सदस्यों में से 75 सदस्यों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित मामलों की संख्या चार हजार से अधिक बताई गई है।
याचिका में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए विशेष व्यवस्था और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले भी ऐसे मामलों की सुनवाई में तेजी लाने और उनकी निगरानी के लिए उच्च न्यायालयों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए थे।








