‘जान को भी खतरा’… अस्पताल में भर्ती होने की सलाह, फिर भी भूख हड़ताल पर डटे देवेंद्र नाथ महतो

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डेस्क : झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। लगातार अनशन के कारण उनकी तबीयत बिगड़ती जा रही है। डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी है, लेकिन महतो फिलहाल प्रदर्शन स्थल छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

महतो ने बताया कि उनका ब्लड प्रेशर और शुगर दोनों काफी कम हो गए हैं। शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की स्थिति भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें बोलने में भी काफी परेशानी हो रही है और शरीर के अंग भी साथ नहीं दे रहे हैं। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें अस्पताल ले जाने की सलाह दी है।

सीने में संक्रमण, जान को खतरा बताया

देवेंद्र नाथ महतो के मुताबिक डॉक्टरों ने उन्हें बताया है कि उनके सीने में संक्रमण हो गया है। उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह लगातार स्वास्थ्य गिरता रहा तो स्थिति गंभीर हो सकती है और जान को भी खतरा हो सकता है। महतो के अनुसार वह फिलहाल सिर्फ सुन, सोच और धीरे-धीरे बोल पा रहे हैं।

मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े

छात्र नेता ने कहा कि सरकार के साथ छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की बातचीत हुई है और सरकार ने उनकी मांगों को जायज बताते हुए आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। महतो और उनके समर्थक अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। शनिवार को सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच दूसरे दौर की बातचीत भी हुई, लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हो सका।

क्या है छात्रों की मांग?

प्रदर्शनकारी छात्र JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। महतो के नेतृत्व वाला गुट 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने समेत अन्य मांगों पर जोर दे रहा है। छात्रों की ओर से मामले की जांच CBI या राज्य से बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जजों की समिति से कराने की मांग भी उठाई गई है।

सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर बातचीत का सिलसिला जारी है। शनिवार को विभिन्न छात्र संगठनों से बातचीत के बाद भी आंदोलन खत्म करने पर सहमति नहीं बन सकी और प्रदर्शन जारी रखने का फैसला लिया गया।