डेस्क : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां से जुड़ी मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। विश्वविद्यालय के भवनों पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई के विरोध में अब सपा सांसदों का नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 25 जुलाई को रामपुर पहुंचेगा। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर गठित यह दल प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी लेगा और इसकी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपेगा।
सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल की ओर से जारी पत्र के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल विश्वविद्यालय से जुड़े मामले का जायजा लेने के साथ ही स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और संबंधित लोगों से बातचीत करेगा। पार्टी ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय की इमारतों पर बुलडोजर कार्रवाई शिक्षा के अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। सपा का कहना है कि इससे गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों के विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
प्रतिनिधिमंडल में मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा, अजय सागर, जावेद अली खान, हरेंद्र सिंह मलिक, इकरा हसन, राजीव राय, मोहिबुल्लाह नदवी, नीरज मौर्य और जियाउर्रहमान बर्क शामिल हैं। रामपुर के जिलाध्यक्ष को प्रतिनिधिमंडल के साथ समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है।
इस बीच, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि दिल्ली में परीक्षा का आंदोलन चल रहा है और रामपुर में शिक्षा का। उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने से ही यहां पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहेगा। अखिलेश ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार शिक्षा संस्थानों के प्रति नकारात्मक रवैया अपना रही है।
गौरतलब है कि जौहर यूनिवर्सिटी के कई भवनों को ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किए जाने के बाद छात्र अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। इससे पहले सपा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे भी पार्टी नेताओं और विधायकों के साथ रामपुर पहुंचकर आंदोलनरत छात्रों से मिले और पार्टी की ओर से समर्थन जताया। बताया गया है कि रामपुर विकास प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय के 40 में से 38 भवनों को 15 दिन के भीतर ध्वस्त करने का नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई को लेकर सपा लगातार सरकार पर निशाना साध रही है और ध्वस्तीकरण का आदेश वापस लेने की मांग कर रही है।









