डेस्क : जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के घायल होने को लेकर विवाद सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि कुछ घायलों की मेडिकल रिपोर्ट में पैलेट और कथित गनशॉट से लगी चोटों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राम मनोहर लोहिया अस्पताल और सफदरजंग अस्पताल में उपचार कराने वाले कुछ प्रदर्शनकारियों की मेडिको-लीगल रिपोर्ट में पैलेट इंजरी का उल्लेख होने की बात सामने आई है। कुछ घायलों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें पैलेट या रबर बुलेट लगीं। एक 19 वर्षीय युवक की आंख में छर्रा लगने का भी दावा किया गया है, जबकि एक अन्य घायल ने चेहरे और गर्दन से छर्रे निकालने के लिए सर्जरी कराने की बात कही है।
एक महिला प्रदर्शनकारी ने भी रबर बुलेट से घायल होने का आरोप लगाया है। वहीं, एक पत्रकार की मेडिकल रिपोर्ट में कमर और हाथ पर पैलेट से चोट लगने का उल्लेख होने का दावा किया गया है।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस के पास पैलेट गन नहीं है। प्रदर्शन के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की मौजूदगी को देखते हुए उसके पास मौजूद दंगा नियंत्रण उपकरणों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में CRPF की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मेडिकल रिपोर्ट में दर्ज चोटों और सुरक्षा बलों की ओर से किए गए इनकार के बीच अब प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल किए गए हथियारों या उपकरणों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रदर्शनकारियों को लगी चोटों की वास्तविक वजह क्या थी।









