डेस्क : दिग्गज अभिनेत्री जीनत अमान ने अपनी निजी जिंदगी और दिवंगत अभिनेता मजहर खान के साथ अपनी शादी को लेकर खुलकर बात की है। एक हालिया बातचीत में जीनत ने अपने पुराने फैसलों, वैवाहिक जीवन और रिश्ते से मिली सीख को साझा किया। उन्होंने माना कि जिंदगी के कुछ फैसले उनके लिए फायदेमंद रहे, जबकि कुछ ने उन्हें मुश्किल अनुभव दिए।
‘मैं मां बनने के लिए तैयार थी’
जीनत अमान ने मजहर खान से अपनी शादी के बारे में बात करते हुए कहा कि उस समय वह मां बनने के लिए तैयार थीं। उनका मानना था कि शादी परिवार बसाने का माध्यम है और इसी सोच के साथ उन्होंने यह फैसला लिया था। दोनों ने वर्ष 1985 में शादी की थी और उनके दो बेटे अजान और जहान हैं।
अभिनेत्री ने कहा कि इस रिश्ते ने उन्हें प्यार और खुद को पूरी तरह भुला देने के बीच का अंतर समझाया। उन्होंने बताया कि वह इसलिए रिश्ते में बनी रहीं क्योंकि उन्होंने एक वादा किया था, उनके बच्चे थे और उन्हें उम्मीद थी कि परिस्थितियां बदल जाएंगी।
‘खुद को बर्बाद करके किसी और को नहीं बचा सकते’
जीनत अमान ने अपने अनुभव को याद करते हुए कहा कि आखिरकार उन्हें समझ आया कि किसी दूसरे व्यक्ति को बचाने की कोशिश में खुद को खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने पति की कई मुश्किलों में उनका साथ दिया, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि किसी व्यक्ति को अपनी मदद खुद करनी पड़ती है।
जीनत ने मजहर खान के बारे में नकारात्मक बात करने से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह उनके बच्चों के पिता थे और इसी वजह से वह उनके बारे में कुछ बुरा नहीं कहना चाहेंगी। जीनत और मजहर की शादी करीब 12 साल चली।
बेवफाई पर भी जीनत ने रखी अपनी राय
बॉलीवुड में बेवफाई को लेकर पूछे गए सवाल पर जीनत अमान ने कहा कि बेवफाई को केवल फिल्म इंडस्ट्री से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार यह एक मानवीय कमजोरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि बॉलीवुड में निजी रिश्ते अक्सर लोगों के मनोरंजन और गपशप का विषय बन जाते हैं। जीनत का मानना है कि किसी के टूटे हुए दिल को चर्चा या मनोरंजन का हिस्सा बनाने से किसी का भला नहीं होता।
उम्र के साथ बदला नजरिया
जीनत ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ व्यक्ति को अपने पुराने फैसलों को बिना खुद का बचाव किए देखने की आजादी मिलती है। आज जब वह अपने अतीत की ओर देखती हैं तो उन्हें अपने उस दौर के लिए बहुत हमदर्दी महसूस होती है।
जीनत अमान ने अपने फिल्मी करियर में ‘हरे रामा हरे कृष्णा’, ‘यादों की बारात’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ और ‘डॉन’ जैसी फिल्मों के जरिए हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई।









