अनूप जलोटा के भजनों से भक्तिमय होगी काशी, अस्सी घाट पर सजेगी ‘संतों की वाणी’ की शाम

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वाराणसी। भारत की समृद्ध संत परंपरा, सनातन आध्यात्मिक चेतना और महान संतों की अमर वाणी को संगीत के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से काशी में एक विशेष संगीतमय आयोजन होने जा रहा है। तथास्तु प्रोडक्शंस द्वारा सुबह-ए-बनारस के सहयोग से 23 नवंबर को वाराणसी के प्रसिद्ध अस्सी घाट पर ‘संतों की वाणी’ नाम से भव्य आध्यात्मिक संगीत संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष अवसर पर भजन सम्राट अनूप जलोटा अपनी सुरमयी प्रस्तुति से भक्तिमय वातावरण बनाएंगे।

यह आयोजन भारत की महान संत परंपरा को समर्पित एक भावपूर्ण संगीत अनुष्ठान होगा। इसका उद्देश्य संतों के विचारों, उनके आध्यात्मिक संदेशों और लोककल्याणकारी शिक्षाओं को संगीत के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

काशी, जिसे देवाधिदेव महादेव की नगरी के रूप में जाना जाता है, सदियों से भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, ज्ञान और भक्ति का प्रमुख केंद्र रही है। इसी आध्यात्मिक नगरी में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम संत कबीरदास, गोस्वामी तुलसीदास, संत रविदास सहित देश के विभिन्न राज्यों के महान संतों की शिक्षाओं को समर्पित रहेगा। इसमें मीराबाई, सूरदास, गुरु नानक देव जी, संत तुकाराम और संत ज्ञानेश्वर जैसे महान संतों की अमर वाणी एवं विचारों को संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।

इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण प्रख्यात भजन गायक अनूप जलोटा होंगे। अपनी मधुर आवाज और भक्तिमय प्रस्तुतियों के लिए देश-दुनिया में पहचान बनाने वाले अनूप जलोटा संतों की वाणी और भजनों के माध्यम से श्रोताओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराएंगे। धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन में उनका योगदान भी इस आयोजन की विशेष भावना से जुड़ा हुआ है।

तथास्तु प्रोडक्शंस का यह प्रयास केवल एक संगीत कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से भारत की युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों, संत परंपरा और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का उद्देश्य भी रखा गया है। आयोजकों का मानना है कि संतों की वाणी आज भी समाज को प्रेम, सद्भाव, भक्ति, समानता और मानवता का संदेश देती है।

23 नवंबर को अस्सी घाट पर आयोजित होने वाली यह संगीतमय संध्या काशी की आध्यात्मिक पहचान और भारत की संत परंपरा के प्रति श्रद्धा का एक यादगार अवसर बनने की उम्मीद है। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, संगीत प्रेमियों और धर्म-संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों से इस आयोजन में शामिल होने की अपील की है।

आयोजन की आतिथ्य साझेदार होटल हेरिटेज इन, बनारस के प्रति भी आयोजकों ने आभार व्यक्त किया है।