‘झूठा प्रचार कर रही सरकार’—मल्लिकार्जुन खरगे का केंद्र पर तीखा हमला

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बेंगलुरु :  कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को केंद्र सरकार पर परिसीमन (डिलिमिटेशन) और महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कड़ा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर “झूठा प्रचार” फैलाने और मुद्दों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का आरोप लगाया।

खरगे ने कहा कि प्रस्तावित परिसीमन विधेयक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और चुनावी प्रक्रिया वाले राज्यों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण विपक्षी दलों ने एकजुट होकर इसका विरोध करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा, “परिसीमन विधेयक एससी/एसटी के खिलाफ है और उन राज्यों के खिलाफ भी है जहाँ चुनाव होने हैं, इसलिए सभी दलों ने मिलकर इसका विरोध करने का फैसला किया है।”

महिला आरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए खरगे ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक दो अलग-अलग विषय हैं।

खरगे ने सवाल उठाया कि 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक को अब तक लागू क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा, “इसे 30 महीने तक ठंडे बस्ते में क्यों रखा गया? अब तक इसे अधिसूचित क्यों नहीं किया गया?”

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे का उपयोग कर रही है और विपक्ष को गलत तरीके से इसके विरोध में दिखाने की कोशिश कर रही है।

खरगे ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण का मुद्दा नया नहीं है और 2010 में भी यह विधेयक लाया गया था, लेकिन लोकसभा में पारित नहीं हो सका था। बाद में 2023 में इसे संसद से पारित कराया गया।

भाजपा की विचारधारा पर टिप्पणी करते हुए खरगे ने आरोप लगाया कि पार्टी महिलाओं और सामाजिक समानता के मुद्दों पर संवेदनशील नहीं है, जबकि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण से जुड़ा रहा है।

उन्होंने अंत में केंद्र सरकार से अपील की कि वह “भ्रामक प्रचार” से बचे और वास्तविक नीतिगत मुद्दों पर ध्यान दे।

गौरतलब है कि 16 से 18 अप्रैल तक चले विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक पर संसद में तीखी बहस हुई थी। विपक्षी गठबंधन ने परिसीमन प्रक्रिया के विरोध में मतदान से दूरी बनाए रखी थी।

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