जयपुर : दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित INDIA गठबंधन की महारैली को लेकर कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में रविवार, 25 अक्टूबर को जयपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों और विधायकों की बैठक हुई। बैठक में रैली के लिए जनसंपर्क, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और राजस्थान से लोगों की मौजूदगी सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की मौजूदगी में आयोजित इस बैठक में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, कांग्रेस नेता सचिन पायलट और राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा सहित कई नेता शामिल हुए। यह बैठक दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन से पहले पार्टी की तैयारियों का हिस्सा है।
मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाएगा विपक्ष
INDIA गठबंधन की प्रस्तावित रैली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है। कांग्रेस और विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी की है। हालांकि, ये विपक्ष के आरोप और राजनीतिक मांगें हैं; इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
1 नवंबर को दिल्ली में होगी महारैली
कांग्रेस के मुताबिक, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली महारैली ‘दिल्ली चलो’ मार्च के समापन कार्यक्रम का हिस्सा होगी। पार्टी ने इसमें देशभर से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई है। इससे पहले 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ INDIA गठबंधन की ओर से एक प्रतीकात्मक ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ कार्यक्रम आयोजित किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
जयपुर में हुई बैठक को इसी व्यापक अभियान की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि राजस्थान कांग्रेस रैली के लिए कितनी व्यापक भागीदारी सुनिश्चित कर पाती है और विपक्ष इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर किस तरह आगे बढ़ाता है।









