डेस्क : भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर गुरुवार को अपनी तीन देशों की अफ्रीकी यात्रा के अंतिम चरण में इथियोपिया पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पूर्वी अफ्रीकी देश के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए सार्थक बातचीत की उम्मीद जताई। इथियोपिया पहुंचने पर वहां के राज्य मंत्री बेरहानु त्सेगाये ने उनका स्वागत किया।
जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने आगमन की जानकारी देते हुए गर्मजोशी से स्वागत के लिए इथियोपिया का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से होने वाली बैठकों को लेकर उत्साहित हैं।
इथियोपिया, जयशंकर की तीन देशों की अफ्रीकी यात्रा का तीसरा और अंतिम पड़ाव है। इससे पहले उन्होंने घाना और कोटे डी आइवर का दौरा किया। इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य अफ्रीकी देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों, आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है।
अफ्रीका के विकास में भारत की अहम भूमिका
कोटे डी आइवर की यात्रा के दौरान जयशंकर ने अफ्रीकी देशों के विकास में भारत की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम के पूर्व प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अफ्रीका के साथ भारत की विकास साझेदारी हमेशा से उसके संबंधों का प्रमुख आधार रही है। भारत की ओर से शुरू की जाने वाली विकास योजनाएं अफ्रीकी साझेदार देशों की जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुरूप होती हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अफ्रीका के साथ भारत के संबंधों के लिए निर्धारित कंपाला सिद्धांतों का भी उल्लेख किया। जयशंकर के अनुसार, आईटीईसी कार्यक्रम भारत के विकास, सुरक्षा, प्रशासन, तकनीक और विशेषज्ञता से जुड़े अनुभवों को साझेदार देशों के साथ साझा करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके साथ ही भारत को भी इन देशों के अनुभवों से सीखने का अवसर मिलता है।
वर्ष 1964 में शुरू हुआ आईटीईसी कार्यक्रम इस वर्ष अपनी 62वीं वर्षगांठ मना रहा है। इसके अंतर्गत 160 से अधिक साझेदार देशों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है। कार्यक्रम के तहत हर साल लगभग 10 हजार पूर्ण वित्तपोषित प्रशिक्षण अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। इनमें सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, डिजिटल प्रशासन, लोक प्रशासन, कृषि, ऊर्जा, कौशल विकास, रक्षा, सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी गतिविधियों जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
कोटे डी आइवर के साथ रक्षा और आर्थिक सहयोग पर चर्चा
कोटे डी आइवर में जयशंकर ने उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री तेने बिराहिमा ओआत्तारा से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने विदेश एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग मामलों की राज्य मंत्री नियाले काबा के साथ भी बैठक की। इस दौरान व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचे, कृषि, स्वास्थ्य सेवाओं और लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
जयशंकर ने कोटे डी आइवर को पश्चिम अफ्रीका में भारत का एक प्रमुख साझेदार बताते हुए उसके आर्थिक विकास, प्रशासनिक सुधारों तथा सुरक्षा एवं रक्षा संबंधी उद्देश्यों के प्रति भारत के समर्थन को दोहराया।
उन्होंने क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को दीर्घकालिक द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती का महत्वपूर्ण आधार बताया। उनके अनुसार, पिछले 12 वर्षों में कोटे डी आइवर के लगभग 800 प्रशिक्षणार्थियों ने आईटीईसी कार्यक्रम का लाभ उठाया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विकसित मानवीय संबंध और साझा अनुभव दोनों देशों के बीच सहयोग को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
इथियोपिया में जयशंकर की आगामी बैठकें भारत की अफ्रीका नीति और महाद्वीप के देशों के साथ राजनीतिक, आर्थिक, विकासात्मक तथा रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।








