केरल में आसमानी आफत, भारी बारिश-बाढ़ से 8 मौतें; कई लोग लापता

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डेस्क : केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। कई इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 8 लोगों की मौत, जबकि 8 लोगों के लापता होने की सूचना है। 13 लोग घायल हुए हैं। राज्य के कई हिस्सों में सड़कें जलमग्न हैं और नदियों तथा बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

5,792 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

लगातार बारिश के चलते प्रशासन ने प्रभावित इलाकों से 5,792 लोगों को सुरक्षित निकालकर 209 राहत शिविरों में पहुंचाया है। बारिश और जलभराव से 27 मकान पूरी तरह नष्ट हुए हैं, जबकि 196 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है।

320 मिलीमीटर तक बारिश

केरल के कन्नूर जिले के अय्यनकुन्नू क्षेत्र में 320 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राज्य के कुछ अन्य हिस्सों में भी 300 मिलीमीटर से अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और निचले इलाकों में पानी भर गया है।

मुवत्तुपुझा वैली सिंचाई परियोजना के तहत मलंकारा बांध के पांच गेट भारी जलप्रवाह के कारण खोलने पड़े। कोझिकोड, कन्नूर और अलुवा सहित कई क्षेत्रों में सड़कें पानी में डूब गई हैं। अलुवा स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर परिसर में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है।

12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने केरल के 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें अलाप्पुझा, कोझिकोड, इडुक्की, वायनाड, कन्नूर, कोट्टायम, पथानामथिट्टा, पालक्काड, मलप्पुरम, त्रिशूर, कासरगोड और एर्नाकुलम शामिल हैं। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

बाजार और रिहायशी इलाके जलमग्न

पथानामथिट्टा जिले के रानी इलाके में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से कई दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पानी में डूब गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी बेहद तेजी से बढ़ा, जिससे दुकानदारों को सामान सुरक्षित निकालने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।

मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। प्रशासन ने पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

केरल में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।