डेस्क : राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने रविवार को बापू सभागार में आयोजित ‘विकसित बिहार: नींव से निर्माण तक महामंथन सह लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह’ के दौरान बड़ा बयान दिया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार को विचारधारा तो विरासत में मिली, लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी उन्होंने सालों के संघर्ष के बाद हासिल की थी।
उपेंद्र कुशवाहा ने कुर्सी के स्थायित्व पर बात करते हुए कहा कि वर्तमान में जिस कुर्सी पर सम्राट चौधरी बैठे हैं, उस पर वे तब तक बने रहेंगे जब तक उनकी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और जनता की कृपा उन पर बनी रहेगी। उन्होंने कहा, “जब तक यह साथ है, दुनिया की कोई ताकत उन्हें इस पद से नहीं हटा सकती।”
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 1994 के लव-कुश सम्मेलन को याद किया और कहा कि उस सामाजिक एकता ने ही आगे चलकर राजनीतिक स्वरूप लिया। उन्होंने 2005 के बाद बिहार की अर्थव्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर में आए बदलावों का उल्लेख करते हुए सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का संकल्प जताया।
पांच पांडवों का उदाहरण देते हुए सम्राट चौधरी ने एनडीए के घटक दलों की एकजुटता पर बल दिया और कहा कि जैसे अलग-अलग अंगुलियों की तुलना में मुट्ठी में अधिक ताकत होती है, वैसे ही एनडीए की एकजुटता ने 2025 के चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘समृद्ध बिहार’ के सपने को साकार करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।








