लाल सागर में बढ़ते तनाव पर भारत चिंतित, हूती हमलों की कड़ी निंदा

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नई दिल्ली : भारत ने लाल सागर क्षेत्र में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए सऊदी अरब के क्षेत्र में हूती विद्रोहियों की ओर से किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि नागरिकों और आर्थिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाले ऐसे हमले क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। साथ ही, इनसे बाब-अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों से नौवहन की स्वतंत्रता भी प्रभावित होती है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि लाल सागर क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति का लगातार बिगड़ना भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि भारत ने सऊदी अरब की संप्रभु भूमि पर हुए हमलों, विशेष रूप से नागरिकों और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाए जाने की निंदा की है।

जायसवाल ने कहा, “इस तरह के हमले क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति को प्रभावित करते हैं तथा बाब-अल-मंदेब के जरिए होने वाले स्वतंत्र नौवहन के लिए भी खतरा पैदा करते हैं। विभिन्न कारणों से यह स्थिति हमारे लिए पूरी तरह अस्वीकार्य है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होगी।

मक्का के पास ड्रोन हमले पर भी भारत की नजर

विदेश मंत्रालय ने पवित्र शहर मक्का के पास ड्रोन हमले की घटना के बाद जारी किए गए भारत के बयान का भी उल्लेख किया। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के अनुसार, मंगलवार शाम मक्का के दक्षिण में एक ड्रोन को उसके प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोककर नष्ट कर दिया गया था।

गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इसे “शत्रुतापूर्ण और आतंकवादी कृत्य” बताया था और कहा था कि दो पवित्र मस्जिदों तथा जायरीनों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

हालांकि, हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने ड्रोन को मक्का की ओर भेजे जाने के सऊदी दावे को खारिज किया है। उन्होंने इसे “मनगढ़ंत और झूठा” बताया और कहा कि हूती अभियानों का निशाना सऊदी सैन्य ठिकाने और तेल प्रतिष्ठान हैं, जो पवित्र स्थलों से दूर हैं।

सऊदी अरब में भारतीय नागरिक के मामले पर भी सरकार सक्रिय

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान सऊदी अरब में कथित तौर पर लंबे समय से हिरासत में रखे गए उत्तराखंड निवासी इंद्रमणि नौटियाल का मामला भी उठाया गया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय दूतावास इस मामले पर सऊदी अधिकारियों के साथ संपर्क में है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

तेहरी गढ़वाल के जौनपुर ब्लॉक के गौर्साड़ा गांव निवासी इंद्रमणि नौटियाल वर्ष 2018 में रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए थे। वह रियाद स्थित पिक रोड्स एंड कॉन्ट्रैक्टिंग कंपनी में ट्रक चालक के रूप में काम कर रहे थे। बताया गया है कि 2018 में हुए एक सड़क हादसे के बाद कंपनी पर करीब 2.29 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

परिवार का आरोप है कि कंपनी मालिक द्वारा जुर्माने का भुगतान नहीं किए जाने के कारण नौटियाल लंबे समय से मुश्किलों में हैं और उन पर उक्त राशि चुकाने का दबाव बनाया जा रहा है। उनकी पत्नी और बेटी ने उनकी भारत वापसी के लिए कई स्तरों पर सहायता की मांग की है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित देशों की सरकारों के साथ भारतीय दूतावास लगातार संपर्क में रहते हैं।

जायसवाल ने कहा कि नौटियाल के मामले में उनकी कानूनी स्थिति और वर्तमान परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है और मंत्रालय आवश्यक विवरण प्राप्त करने के बाद जानकारी साझा करेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने भी की थी हस्तक्षेप की मांग

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अगस्त में विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर नौटियाल के मामले में तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया था। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने, नौटियाल को कानूनी एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने और सुरक्षित भारत वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश देने की मांग की थी।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है और यमन में हूती विद्रोहियों तथा सऊदी समर्थित सरकार के बीच संघर्ष तेज होने की खबरें हैं। इसी बीच अमेरिका ने सऊदी अरब के लिए यात्रा संबंधी चेतावनी भी जारी की है, जबकि यमन की सीमा से लगे क्षेत्र के लिए अधिक कड़ी यात्रा चेतावनी दी गई है।