मुंबई। देश की राजधानी दिल्ली में इंडिया गठबंधन का प्रदर्शन जारी है। राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के नेता सड़क पर उतरे हैं, इसी बीच महाराष्ट्र की सियासत से आज एक बड़ी खबर सामने आई है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के सबसे मुखर और तेज-तर्रार प्रवक्ता आनंद दुबे ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दे दिया है। माना जा रहा है कि यह कदम न सिर्फ पार्टी के लिए, बल्कि इंडिया गठबंधन के लिए भी बड़ा झटका है।
बता दें कि आनंद दुबे लंबे समय से पार्टी का चेहरा रहे हैं। वे हिंदी भाषी इलाकों में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते आए हैं। पिछले चार-पांच सालों से उन्होंने महाराष्ट्र के स्थानीय मुद्दों से लेकर देश और अंतरराष्ट्रीय मामलों तक पार्टी का स्टैंड साफ किया है। ऐसे में उनके अचानक इस्तीफे से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
क्या बोले आनंद दुबे?
इस्तीफा देने के बाद आनंद दुबे ने कहा कि मैं अपनी पार्टी शिवसेना (UBT) से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं अपनी प्राथमिक सदस्यता और राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से पूरी तरह अलग हो रहा हूं। पिछले चार-पांच सालों से मैंने महाराष्ट्र के खास मामलों से लेकर नेशनल और यहां तक कि इंटरनेशनल मामलों तक पार्टी का स्टैंड लगातार साफ किया है। तो, क्या बदला? रातों-रात कुछ नहीं होता। कई महीनों से मैं चुपचाप सह रहा था और बहुत परेशान महसूस कर रहा था।
उन्होंने आगे कहा कि वे हिंदुत्व और सनातन धर्म के उन आदर्शों को आवाज नहीं दे पा रहे थे, जो उन्हें बहुत प्यारे हैं। हर पार्टी की एक विचारधारा होती है। मैं एक पार्टी वर्कर हूं जो वीर सावरकर को मानता है और स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को मानता है। मैं एक एक्टिविस्ट हूं जो छत्रपति संभाजी महाराज और छत्रपति शिवाजी महाराज को अपना रोल मॉडल मानता हूं। पता नहीं, जो लाइन मुझे बोलनी है, वह मुझे ठीक नहीं लगती।








