मनरेगा के बहाने कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला, जयराम रमेश ने घेरा

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डेस्क : कांग्रेस ने ग्रामीण रोजगार से जुड़ी नई व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के गरीबों की जीवनरेखा मानी जाने वाली महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानी मनरेगा को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी और मजदूरी से जुड़े प्रावधान पहले की तुलना में कमजोर हुए हैं।

जयराम रमेश ने मंगलवार को एक मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में मनरेगा के जॉब कार्ड धारक नई ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को लेकर निराश हैं। उन्होंने दावा किया कि विभागीय आंकड़ों में भी इसका असर दिखाई दे रहा है।

बलिया के आंकड़ों का दिया हवाला

कांग्रेस नेता ने बलिया जिले के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वहां दो महीने में १.७६ लाख मानव-दिवस रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इस अवधि में केवल १०,६६९ मानव-दिवस का काम उपलब्ध कराया गया। उन्होंने दावा किया कि ऐसी स्थिति केवल बलिया तक सीमित नहीं है और देश के अन्य जिलों से भी इसी तरह की तस्वीर सामने आ रही है।

जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था के जरिए गरीबों के लिए सुनिश्चित रोजगार के अधिकार को कमजोर किया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल योजना का नाम बदलने का मामला नहीं है, बल्कि ग्रामीण गरीबों को मिलने वाली रोजगार गारंटी को समाप्त करने की दिशा में उठाया गया कदम है।

महंगाई के बीच गरीबों की चिंता

कांग्रेस नेता ने कहा कि महंगाई के मौजूदा दौर में ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए रोजगार का भरोसेमंद साधन बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे समय में गरीब परिवारों से उनकी आय का आखिरी सहारा छीनना गंभीर चिंता का विषय है।

कांग्रेस ने नई ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को वापस लेने और मनरेगा को मजबूत स्वरूप में बहाल करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि ग्रामीण मजदूरों को पर्याप्त रोजगार के साथ उचित मजदूरी भी मिलनी चाहिए।

एक जुलाई से लागू हुई नई व्यवस्था

केंद्र सरकार की नई ग्रामीण रोजगार व्यवस्था इस वर्ष एक जुलाई से देशभर में लागू हुई है। इसके साथ करीब दो दशक से संचालित मनरेगा की जगह नई व्यवस्था ने ली है। मनरेगा को कांग्रेस के नेतृत्व वाली तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के कार्यकाल में लागू किया गया था।

कांग्रेस लगातार नई व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाती रही है। पार्टी का आरोप है कि ग्रामीण रोजगार की गारंटी और मजदूरी से जुड़े प्रावधानों को कमजोर करने से इसका सबसे अधिक असर गरीब और ग्रामीण परिवारों पर पड़ेगा।