म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले सावधान, एक साल के रिटर्न पर डालें नजर

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बिजनेस डेस्क :  म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोगों के लिए बीते एक साल का प्रदर्शन अहम संकेत दे रहा है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का असर एग्रेसिव हाइब्रिड म्यूचुअल फंड की कमाई पर भी पड़ा है। एसबीआई, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल जैसे प्रमुख फंडों के एक साल के रिटर्न में अंतर देखने को मिला है। ऐसे में निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले उसके प्रदर्शन, जोखिम और निवेश की रणनीति को अच्छी तरह समझ लें।

क्या होते हैं एग्रेसिव हाइब्रिड फंड?

एग्रेसिव हाइब्रिड म्यूचुअल फंड ऐसी निवेश योजनाएं हैं, जिनमें शेयर बाजार और ऋण से जुड़े साधनों, दोनों में पैसा लगाया जाता है। इन योजनाओं में आमतौर पर कुल निवेश का ६५ से ८० प्रतिशत हिस्सा शेयरों में, जबकि शेष हिस्सा बॉन्ड और अन्य ऋण साधनों में लगाया जाता है। इसका उद्देश्य शेयर बाजार में निवेश के माध्यम से लंबी अवधि में पूंजी बढ़ाने की संभावना के साथ निवेश में कुछ संतुलन बनाए रखना होता है।

हालांकि, इन योजनाओं में शेयर बाजार का हिस्सा अधिक होने के कारण बाजार में गिरावट आने पर निवेशकों को नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। इसलिए इन्हें पूरी तरह सुरक्षित निवेश विकल्प नहीं माना जा सकता।

तीन प्रमुख फंडों के प्रदर्शन में अंतर

एग्रेसिव हाइब्रिड फंड की श्रेणी में अलग-अलग योजनाओं का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा है। एसबीआई एग्रेसिव हाइब्रिड फंड, एचडीएफसी एग्रेसिव हाइब्रिड फंड और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एग्रेसिव हाइब्रिड फंड के एक साल के रिटर्न की तुलना करते समय यह देखना जरूरी है कि आंकड़े किस तारीख के हैं और वे किस निवेश योजना से संबंधित हैं।

एक ही फंड के नियमित निवेश विकल्प और सीधे निवेश विकल्प के रिटर्न में अंतर हो सकता है। इसी तरह, लाभ के पुनर्निवेश वाली योजना और लाभांश से जुड़ी योजना के आंकड़े भी अलग हो सकते हैं। इसलिए निवेशकों को तुलना करते समय समान प्रकार की योजनाओं के रिटर्न को ही आधार बनाना चाहिए।

केवल एक साल के रिटर्न से न करें फैसला

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी म्यूचुअल फंड का चुनाव केवल पिछले एक साल के रिटर्न को देखकर नहीं करना चाहिए। निवेशकों को कम से कम तीन और पांच साल के प्रदर्शन, निवेश की लागत, पोर्टफोलियो में शामिल शेयरों और ऋण साधनों तथा जोखिम के स्तर का भी आकलन करना चाहिए।

किसी योजना ने पिछले एक साल में अच्छा प्रदर्शन किया है, इसका अर्थ यह नहीं है कि वह आने वाले समय में भी उतना ही लाभ देगी। इसी तरह, कम रिटर्न देने वाली योजना का भविष्य में प्रदर्शन बेहतर हो सकता है, लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है।

निवेश से पहले अपनी जरूरत समझें

एग्रेसिव हाइब्रिड फंड उन निवेशकों के लिए एक विकल्प हो सकते हैं, जो लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं और शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव को सहन करने की क्षमता रखते हैं। वहीं, कम जोखिम लेने वाले निवेशकों को अपनी जरूरत और वित्तीय स्थिति के अनुसार दूसरे विकल्पों पर भी विचार करना चाहिए।

निवेश करने से पहले योजना से जुड़े दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ना, जोखिम का आकलन करना और जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेना उचित है।

महत्वपूर्ण सूचना: म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। पिछला प्रदर्शन भविष्य में मिलने वाले रिटर्न की गारंटी नहीं देता। किसी भी योजना में निवेश करने से पहले उसके जोखिम और शर्तों को अच्छी तरह समझ लें।