डेस्क : हरियाणा के नूंह जिले में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान वांछित आरोपी शाहिद उर्फ आडवाणी को मार गिराया। गुरुवार सुबह गौवंश की कथित तस्करी के मामले में कार्रवाई के दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच फायरिंग हुई। इस दौरान गोली लगने से शाहिद की मौत हो गई। वह नूंह जिले के तावड़ू क्षेत्र के खरखड़ी गांव का निवासी था।
काले रंग की थार में ले जा रहे थे गौवंश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नूंह क्राइम ब्रांच की टीम को काले रंग की महिंद्रा थार में गौवंश ले जाए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध वाहन को रोकने के लिए नाकाबंदी की। पुलिस के अनुसार, वाहन को रोकने का प्रयास किए जाने पर आरोपियों की ओर से फायरिंग की गई। जवाबी कार्रवाई में शाहिद उर्फ आडवाणी गोली लगने से घायल हो गया। बाद में उसकी मौत हो गई।
दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज होने का दावा
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, शाहिद उर्फ आडवाणी के खिलाफ हत्या, डकैती, पशु तस्करी, अवैध हथियार रखने और वाहन चोरी सहित दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। वह लंबे समय से पुलिस की वांछित सूची में शामिल था।
2018 में पुलिस हिरासत से हुआ था फरार
रिपोर्ट के अनुसार, शाहिद को मार्च 2018 में पटौदी क्षेत्र में कार चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में एटीएम चोरी के एक मामले में बरामदगी और जांच के लिए ले जाते समय वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने शव को स्थानीय नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया। घटनास्थल से वाहन और अन्य साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू की गई। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस मुठभेड़ से जुड़े घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।









