नशा मुक्त भारत के संकल्प को मजबूती, अमित शाह ने बताया सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’ दृष्टिकोण


नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने युवाओं को नशे के खतरे से बचाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि सरकार नशा मुक्त और सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए लगातार काम कर रही है।

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर संदेश साझा करते हुए शाह ने कहा कि सरकार ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के साथ-साथ नशे की लत से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और उपचार पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की नशा विरोधी मुहिम को “दुनिया की सबसे मजबूत लड़ाइयों में से एक” बताया।

उन्होंने नशा विरोधी अभियान से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए युवाओं को इस खतरे से बचाने के लिए सामूहिक संकल्प को और मजबूत करने की अपील की।

इस अवसर पर गृह मंत्री आज नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की 10वीं उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा आयोजित की जा रही है और इसमें 44 केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों के साथ-साथ 108 राज्य प्रतिनिधि और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारी शामिल होंगे।

बैठक में वर्ष 2026–2029 के लिए “नारकोटिक्स नियंत्रण विज़न दस्तावेज़” भी जारी किया जाएगा, जो देश में नशा नियंत्रण की रणनीति को दिशा देगा।

गृह मंत्रालय के अनुसार, यह दस्तावेज़ विभिन्न हितधारकों के व्यापक परामर्श के बाद तैयार किया गया है। इसमें मांग में कमी, आपूर्ति श्रृंखला पर नियंत्रण और नशे के दुष्प्रभावों को कम करने जैसी रणनीतियों पर विशेष जोर दिया गया है।

इसके साथ ही सिंथेटिक ड्रग्स, डार्कनेट के माध्यम से होने वाली तस्करी, और युवाओं को नशे से दूर रखने जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए भी विस्तृत योजना शामिल की गई है। साथ ही पुनर्वास केंद्रों के विस्तार और समन्वित कार्रवाई पर बल दिया गया है।

इस अवसर पर देशभर में चलाए जा रहे ड्रग डिस्पोजल फोर्टनाइट अभियान के तहत लगभग 2,09,500 किलोग्राम जब्त मादक पदार्थों को नष्ट किया जा रहा है, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 6,000 करोड़ रुपये बताई गई है।

गौरतलब है कि 26 जून को संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना और अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ वैश्विक सहयोग को मजबूत करना है।

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