ऑपरेशन सिंदूर बना वैश्विक सैन्य चर्चा का विषय, तरंग शक्ति में साझा हुए अनुभव

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डेस्क : भारतीय वायुसेना के प्रमुख सैन्य अभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ के दूसरे संस्करण के दौरान ऑपरेशन सिंदूर के अनुभवों और उससे जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर भागीदार देशों के साथ चर्चा की गई। अभ्यास के तहत आयोजित विशेषज्ञों के आदान-प्रदान सत्रों में विभिन्न देशों ने ऑपरेशन सिंदूर को समझने और भारत के अनुभवों से सीखने में विशेष रुचि दिखाई। यह जानकारी अभ्यास के निदेशक एयर वाइस मार्शल राज ठाकुर ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।

समाचार एजेंसी एएनआई के एक सवाल के जवाब में एयर वाइस मार्शल ठाकुर ने बताया कि विशेषज्ञों के साथ आयोजित एक सत्र में भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के घटनाक्रम और उसमें भारत की भूमिका के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि इस प्रस्तुति को भागीदार देशों की ओर से अच्छी प्रतिक्रिया मिली।

प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी वायुसेना के कमांडर जनरल केविन श्नाइडर ने भी पुष्टि की कि भारतीय वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनकी चर्चाओं में ऑपरेशन सिंदूर का विषय शामिल रहा। उन्होंने कहा कि बदलती सुरक्षा परिस्थितियों के बीच विभिन्न देशों की सेनाओं के लिए एक-दूसरे के अनुभवों से सीखना और अपनी क्षमताओं को लगातार बेहतर बनाना आवश्यक है।

जनरल श्नाइडर ने संयुक्त सैन्य अभ्यासों और पेशेवर संवाद को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे मंच विशेषज्ञों को अपने अनुभव साझा करने तथा भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं। हालांकि, उन्होंने किसी विशेष सैन्य अभियान के परिचालन संबंधी विवरण साझा नहीं किए।

गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले के बाद भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े नौ प्रमुख आतंकी लॉन्चपैड नष्ट किए गए और 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की जानकारी दी गई।

तरंग शक्ति-2026 में ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े अनुभवों पर हुई चर्चा को विभिन्न देशों के बीच सैन्य सहयोग, पेशेवर संवाद और बदलती सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप तैयारी मजबूत करने के प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है।