पंचायत चुनाव में देरी पर हाईकोर्ट की नाराजगी, निर्वाचन आयोग से मांगा शेड्यूल

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जयपुर :  राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिए हैं कि वह पांच दिनों के भीतर पंचायत चुनावों का कार्यक्रम स्पष्ट करे। हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पंचायत संस्थाओं के चुनाव समय पर होना जरूरी है।

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब राज्य निर्वाचन आयोग को जल्द ही चुनाव की तारीखों और कार्यक्रम को लेकर स्थिति साफ करनी होगी। अदालत ने सुनवाई के दौरान चुनाव प्रक्रिया में तेजी लाने और लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

चुनाव में देरी पर कोर्ट ने जताई चिंता

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पंचायत चुनावों में लगातार हो रही देरी को लेकर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि पंचायत और स्थानीय निकाय लोकतंत्र की जमीनी इकाइयां हैं और इनके चुनाव समय पर कराना संवैधानिक जिम्मेदारी है।

कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से चुनाव प्रक्रिया की समयसीमा और तैयारियों की जानकारी मांगी है, ताकि चुनाव को लेकर आगे की रणनीति स्पष्ट हो सके।

आरक्षण प्रक्रिया बनी अहम मुद्दा

राजस्थान पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण और सीटों के निर्धारण की प्रक्रिया भी एक महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है। चुनाव कार्यक्रम जारी करने से पहले आरक्षण से जुड़ी प्रक्रियाओं को पूरा करना जरूरी माना जा रहा है।

हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों से इस प्रक्रिया की प्रगति और संभावित समयसीमा की जानकारी मांगी है, जिससे चुनाव में और देरी न हो।

जल्द जारी हो सकता है चुनाव कार्यक्रम

हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कार्यक्रम जारी होने के बाद चुनावी तैयारियां शुरू हो जाएंगी।

पंचायत चुनावों का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की नजर अब निर्वाचन आयोग के अगले कदम पर है।