बिजनेस डेस्क : शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए पारस हेल्थकेयर लिमिटेड का आईपीओ 21 अक्टूबर से खुलने जा रहा है। कंपनी ने आईपीओ के लिए ₹660 से ₹693 प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया है। यह इश्यू 23 अक्टूबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। करीब ₹1,450 करोड़ के इस आईपीओ को लेकर निवेशकों के बीच चर्चा तेज है। वहीं, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर भी बाजार की नजर बनी हुई है।
₹1,450 करोड़ का है आईपीओ
पारस हेल्थकेयर के आईपीओ का कुल आकार ₹1,450 करोड़ है। इसमें ₹500 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि ₹950 करोड़ का हिस्सा ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत रखा गया है। नए शेयर जारी करने से प्राप्त रकम कंपनी को मिलेगी, जबकि OFS के जरिए होने वाली बिक्री से प्राप्त राशि संबंधित मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगी।
एक लॉट के लिए ₹14,553 का निवेश
कंपनी ने आईपीओ के एक लॉट में 21 शेयर निर्धारित किए हैं। ₹693 के ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से खुदरा निवेशकों को एक लॉट के लिए कम से कम ₹14,553 का निवेश करना होगा। हालांकि, निवेशकों को आवेदन करने से पहले आईपीओ से जुड़े सभी नियमों और शर्तों की जानकारी लेनी चाहिए।
GMP से मिल रहे हैं लिस्टिंग के संकेत
आईपीओ खुलने से पहले पारस हेल्थकेयर के ग्रे मार्केट प्रीमियम को लेकर भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, 18 अक्टूबर को इसका GMP करीब ₹96 बताया गया था। ऊपरी प्राइस बैंड ₹693 के आधार पर यह लगभग 13.85 प्रतिशत के प्रीमियम के बराबर है।
हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक बाजार में होने वाले सौदों पर आधारित होता है। इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है और यह शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत या संभावित मुनाफे की गारंटी नहीं देता।
कई शहरों में अस्पतालों का नेटवर्क
पारस हेल्थकेयर पारस हेल्थ ब्रांड के तहत अस्पतालों का संचालन करती है। कंपनी का नेटवर्क गुरुग्राम, पंचकूला, पटना, दरभंगा, कानपुर, उदयपुर, रांची और श्रीनगर सहित कई शहरों में फैला हुआ है। कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पताल संचालन से जुड़ा है।
कर्ज चुकाने और कारोबार बढ़ाने में होगा रकम का इस्तेमाल
आईपीओ से प्राप्त नई पूंजी में से लगभग ₹320.90 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी अपने मौजूदा कर्ज के पूर्ण या आंशिक भुगतान के लिए करेगी। इसके अलावा, करीब ₹54.10 करोड़ सहायक कंपनी प्लस मेडिकेयर हॉस्पिटल्स में निवेश के लिए निर्धारित किए गए हैं। शेष रकम का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा।
26 अक्टूबर को अलॉटमेंट, 28 अक्टूबर को लिस्टिंग की उम्मीद
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पारस हेल्थकेयर के आईपीओ का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर 2026 को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। वहीं, कंपनी के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर संभावित लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026 को हो सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है अहम?
आईपीओ में निवेश का फैसला केवल ग्रे मार्केट प्रीमियम के आधार पर नहीं करना चाहिए। कंपनी की वित्तीय स्थिति, कर्ज, कारोबार की संभावनाओं, प्रतिस्पर्धा और शेयर के मूल्यांकन का आकलन करना जरूरी है। बाजार की परिस्थितियों के अनुसार लिस्टिंग के समय शेयर का प्रदर्शन अनुमान से अलग भी रह सकता है।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। यह समाचार केवल सूचनात्मक उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है, इसे निवेश की सलाह न माना जाए। निवेश करने से पहले संबंधित दस्तावेजों का अध्ययन करें।









