पीएनबी करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ से अधिक के नकली नोट, एनआईए ने संभाली जांच

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डेस्क : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नकली करेंसी मिलने के मामले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने संभाल ली है। एनआईए की आठ सदस्यीय टीम बुधवार रात सहारनपुर पहुंची और इसके बाद से मामले से जुड़े बैंकिंग रिकॉर्ड तथा अन्य दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी।

एनआईए की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट आखिर करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे। जांच में नकली नोटों के स्रोत से लेकर उनके बैंक की करेंसी चेस्ट तक पहुंचने के पूरे रास्ते को खंगाला जा रहा है। इसके अलावा नकदी के आवागमन, नोटों की गिनती और जांच से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।

बैंक रिकॉर्ड और लेन-देन की जांच

जांच एजेंसी बैंक में नकदी के लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों और उन प्रक्रियाओं की भी जांच कर रही है, जिनके तहत करेंसी चेस्ट में नकदी जमा की जाती है और उसकी जांच होती है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नकली नोट बैंकिंग प्रक्रिया के दौरान पहले क्यों नहीं पकड़े गए।

इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी मिलने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था। एनआईए इस पहलू की भी जांच कर रही है कि नकली नोट किसी बैंक शाखा के जरिए करेंसी चेस्ट तक पहुंचे या किसी अन्य माध्यम से यहां लाए गए।

बैंक अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में

करेंसी चेस्ट में नकदी पहुंचाने, उसकी गिनती और जांच की प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि नकली नोट किस स्तर पर बैंकिंग व्यवस्था में शामिल हुए और उनकी पहचान समय रहते क्यों नहीं हो सकी।

इस मामले में पुलिस ने अलग-अलग आरोपों को लेकर दो एफआईआर दर्ज की हैं। एक मामला नकली नोट मिलने से जुड़ा है, जबकि दूसरे में करीब 4.30 लाख रुपये की नकदी गायब होने की शिकायत दर्ज है।

प्रारंभिक जांच में भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद पीएनबी ने वरिष्ठ प्रबंधक रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा और खेरा बाजार जगाधरी करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार को निलंबित कर दिया था। पुलिस अब नामजद अधिकारियों की गिरफ्तारी के प्रयास भी कर रही है।

एनआईए की जांच आगे बढ़ने के साथ अब यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि करोड़ों रुपये की नकली करेंसी करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंची और इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं।