मुजफ्फराबाद : पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में हाल में हुए चुनावों को ‘फर्जी’ और पूर्व नियोजित करार देते हुए क्षेत्र में सामने आई हिंसा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने कहा कि चुनाव के दौरान हुई कथित हिंसा और लोगों की मौत की खबरें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के लिए प्रतिकूल संदेश दे रही हैं।
सोमवार से रावलाकोट, मीरपुर और क्षेत्र के अन्य हिस्सों से कई लोगों के मारे जाने और घायल होने की खबरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। हिंसा से जुड़े कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए हैं, हालांकि इन वीडियो और मौतों के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, सुरक्षा बलों और प्रतिबंधित जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) दोनों ने अपने-अपने पक्ष में लोगों की जान जाने का दावा किया है।
मंगलवार को पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (HRCP) और विपक्षी दलों ने हिंसा में हुई कथित मौतों और चोटों की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच की मांग की। PTI अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व प्रधानमंत्री सरदार कय्यूम नियाजी ने आरोप लगाया कि कश्मीर के लोग अभूतपूर्व दमन और हिंसा का सामना कर रहे हैं।
नियाजी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने अपने मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन जब उन्हें लगा कि उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, तो उन्होंने 9 जून को विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण बताते हुए सरकार के बल प्रयोग पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी गोलियां झेलने के बावजूद शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं। नियाजी ने सरकार से सवाल किया कि लोगों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की स्थिति में बल का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए था।
तीन चरणों में चुनाव पर भी सवाल
PTI नेता ने PoJK में चुनाव तीन चरणों में कराने के फैसले पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की आबादी करीब 35 से 40 लाख है, जबकि पाकिस्तान की आबादी लगभग 25 करोड़ है और वहां आम चुनाव एक ही चरण में कराए जाते हैं।
नियाजी ने सवाल किया कि इतनी कम आबादी वाले क्षेत्र में तीन चरणों में चुनाव कराने की जरूरत क्यों पड़ी और इसके पीछे किस तरह की योजना काम कर रही थी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद उनके शवों को गायब किया जा रहा है। नियाजी ने कहा कि पहले पाकिस्तान दुनिया के अलग-अलग मंचों पर कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा उठाता था, लेकिन अब PoJK में हो रही घटनाओं के कारण पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
PTI ने चुनाव का किया था बहिष्कार
नियाजी ने कहा कि PTI ने PoJK चुनाव का बहिष्कार इसलिए किया था क्योंकि पार्टी को पहले से आशंका थी कि चुनाव विवादित और पूर्व नियोजित होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले ही तय कर लिया गया था कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) को सरकार बनाने का अवसर दिया जाएगा और मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था को किसी बड़े बदलाव के बिना जारी रखा जाएगा।
PTI ने सरकार से हिंसा को रोकने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। वहीं, क्षेत्र में सामने आ रही मौतों और हिंसा से जुड़े कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।








