डेस्क : प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार पेपर लीक रोधी कानून में सात बड़े बदलाव करने की तैयारी में है। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना तथा पेपर लीक में शामिल लोगों पर शिकंजा कसना है।
प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को और सख्त किए जाने की संभावना है। इसके अलावा परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग करने, प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने या परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया जा सकता है।
सरकार का मानना है कि पेपर लीक की घटनाओं से लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ता है और पूरी परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। ऐसे में कानून में बदलाव के जरिए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रस्तावित सात बदलावों के जरिए पेपर लीक की साजिश में शामिल लोगों के साथ-साथ परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े संस्थानों और जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही भी तय करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। सरकार का उद्देश्य तकनीक के इस्तेमाल और कड़े कानूनी प्रावधानों के माध्यम से परीक्षा में होने वाली अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
यदि प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं तो प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों के मामलों में कार्रवाई का दायरा और व्यापक हो सकता है। इससे परीक्षार्थियों के बीच व्यवस्था के प्रति भरोसा बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।








