‘पहले अपनी पार्टी संभालें’: परगट सिंह के रुख पर आम आदमी पार्टी का राहुल गांधी पर हमला

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डेस्क : पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के रुख पर पलटवार करते हुए AAP ने उन्हें पहले अपनी पार्टी के अंदरूनी मामलों को दुरुस्त करने की नसीहत दी है। इस बयानबाजी के बाद पंजाब में नशे का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।

आम आदमी पार्टी की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस नेता परगट सिंह के रुख और पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच सामने आई है। AAP ने कांग्रेस पर इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक आरोप लगाने का आरोप लगाया है। वहीं, कांग्रेस की ओर से राज्य में नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

राहुल गांधी के रुख पर AAP का पलटवार

पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस लगातार भगवंत मान सरकार को घेर रही है। इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में आम आदमी पार्टी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पंजाब सरकार पर सवाल उठाने से पहले अपनी पार्टी के मामलों पर ध्यान देना चाहिए।

AAP की इस प्रतिक्रिया को कांग्रेस के हमलों का राजनीतिक जवाब माना जा रहा है। दोनों दलों के बीच यह टकराव इसलिए भी अहम है, क्योंकि पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से एक संवेदनशील राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा रही है।

परगट सिंह के रुख से बढ़ी सियासी बहस

कांग्रेस नेता परगट सिंह के रुख को लेकर भी दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज हुई है। नशे के खिलाफ कार्रवाई और राज्य सरकार की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों ने राजनीतिक विवाद को और हवा दी है। AAP ने कांग्रेस के आरोपों पर जवाब देते हुए पार्टी नेतृत्व को अपने संगठनात्मक मामलों पर ध्यान देने की सलाह दी है।

पंजाब की राजनीति में नशा बना बड़ा मुद्दा

पंजाब में नशे की समस्या को लेकर सत्तारूढ़ AAP और विपक्षी कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज हो रहे हैं। कांग्रेस सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठा रही है, जबकि AAP अपने पक्ष का बचाव करते हुए विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी के रूप में पेश कर रही है।

इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई, कानून-व्यवस्था और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच सियासी टकराव और तेज होने की संभावना है।