नई दिल्ली : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर देश की राजनीति में जारी घमासान के बीच भारतीय जनता पार्टी की नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। स्मृति ईरानी ने अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘भूतनाथ’ के एक दृश्य पर आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार वीडियो साझा करते हुए विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए। उनके इस संदेश को मतदाता सूची के पुनरीक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस के खिलाफ भाजपा के राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार वीडियो के जरिए राहुल गांधी पर निशाना
स्मृति ईरानी ने सामाजिक माध्यम ‘एक्स’ पर साझा किए गए वीडियो में फिल्मी दृश्य के जरिए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मृत व्यक्तियों के नाम पर मतदान की आशंकाओं को उठाया। वीडियो में अमिताभ बच्चन के साथ राहुल गांधी का चेहरा भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से दिखाया गया है। इसके माध्यम से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का विरोध करने वाले विपक्षी नेताओं पर कटाक्ष किया गया।
स्मृति ईरानी ने अपने संदेश में लिखा, “जो सच में सोया हुआ हो, उसे जगाया जा सकता है। लेकिन जो देश को गुमराह करने के लिए अंधा होने का नाटक कर रहा है, उसे नहीं।” उनके इस बयान को राहुल गांधी पर सीधे राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच लगातार राजनीतिक बयानबाजी हो रही है। भाजपा का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, मतदाता सूची की खामियों को दूर करने और फर्जी मतदाताओं की पहचान करने के लिए यह प्रक्रिया आवश्यक है।
वहीं, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका है। विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयोग से जवाबदेही की मांग भी की है।
सामाजिक माध्यमों पर राजनीतिक संदेश देने की रणनीति
स्मृति ईरानी का यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब मतदाता सूची और चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में है। भाजपा नेता ने फिल्मी दृश्य और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की तकनीक के माध्यम से अपना राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।
हालांकि, वीडियो में दिखाए गए दृश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से तैयार किए गए हैं। इसलिए इन्हें किसी वास्तविक घटना का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसके बावजूद, इस संदेश ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक टकराव को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
राजनीतिक दृष्टि से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अब केवल प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह चुनावी पारदर्शिता, मताधिकार और निर्वाचन व्यवस्था को लेकर सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बीच व्यापक बहस का हिस्सा बन गया है।









