प्योंगयांग : उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रति अपने ‘‘अटूट समर्थन’’ की प्रतिबद्धता दोहराई है। पुतिन के जन्मदिन पर भेजे गए पत्र में किम ने रूस के यूक्रेन युद्ध को ‘‘न्याय का पवित्र युद्ध’’ बताते हुए रूस की जीत का विश्वास जताया। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने बुधवार को पत्र की जानकारी साझा की।
किम ने पत्र में कहा कि वह पुतिन के साथ मजबूत मित्रता और दोनों देशों के संबंधों के विकास के लिए एक नया अध्याय खोलने को लेकर प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपके और रूसी संघ के प्रति अपने अटूट समर्थन की फिर से पुष्टि करता हूं।’’ किम ने विश्वास जताया कि रूसी जनता का ‘‘न्याय का पवित्र युद्ध’’ निश्चित रूप से विजय के साथ समाप्त होगा।
रूस द्वारा वर्ष 2022 में यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद से उत्तर कोरिया और रूस के संबंधों में लगातार मजबूती आई है। उत्तर कोरिया को रूस का प्रमुख सहयोगी माना जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, प्योंगयांग ने रूस के युद्ध प्रयासों में मदद के लिए सैनिक भेजे हैं। इसके बदले उत्तर कोरिया को आर्थिक लाभ और सैन्य तकनीक मिलने की बात सामने आई है।
दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने पिछले वर्ष अनुमान लगाया था कि रूस-यूक्रेन युद्ध में करीब 2,000 उत्तर कोरियाई सैनिक मारे गए हैं। बाद के आकलन में मारे गए या घायल उत्तर कोरियाई सैनिकों की संख्या करीब 6,000 तक बताई गई।
किम का यह बयान ऐसे समय आया है जब यूक्रेन और दक्षिण कोरिया के संबंधों में भी तनाव देखने को मिला है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान पकड़े गए दो उत्तर कोरियाई सैनिकों को दक्षिण कोरिया की हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सार्वजनिक की थी। दक्षिण कोरिया ने इस जानकारी के सार्वजनिक किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया को गोपनीय रखा जाना था।
इस घटनाक्रम के बीच यूक्रेन की ओर से दक्षिण कोरिया से हथियारों की आपूर्ति बढ़ाने की मांग भी प्रभावित हुई है। दक्षिण कोरिया ने अब तक यूक्रेन को घातक हथियार उपलब्ध नहीं कराए हैं। उसका कहना है कि युद्धरत देशों को सैन्य सहायता देने पर घरेलू स्तर पर प्रतिबंध है।
वहीं, जेलेंस्की ने संकेत दिया है कि उत्तर कोरिया यूक्रेन के खिलाफ रूस की सैन्य कार्रवाई में सहायता के लिए आने वाले समय में और सैनिक भेज सकता है।







