डेस्क : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि लोकतंत्र के पक्ष में आवाज उठाने वाली छात्राओं और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि प्रदर्शनकारियों को डराने और अपमानित करने की कोशिश की जा रही है।
छात्राओं ने वीडियो में सुनाई आपबीती
राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह कुछ छात्राओं से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में छात्राओं ने पुलिस कार्रवाई के दौरान कथित दुर्व्यवहार, कपड़े खींचने और चोट लगने जैसे आरोप लगाए हैं। एक छात्रा ने फ्रैक्चर होने की बात भी कही।
राहुल गांधी ने वीडियो के साथ अपनी प्रतिक्रिया में आरोप लगाया कि लोकतंत्र के लिए आवाज उठाने वाली महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं लोगों को विरोध करने और सवाल पूछने से रोकने की कोशिश का हिस्सा हैं।
एसआईआर और लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा उठाया
वीडियो में बातचीत के दौरान छात्राओं ने आरोप लगाया कि एक ओर लोकतांत्रिक अधिकारों पर असर पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर विरोध करने पर उन्हें पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया।
राहुल गांधी ने इस दौरान प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ अधिकारी खुद को जवाबदेही से ऊपर समझने लगते हैं। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में जनता की आवाज सुनना और नागरिकों को अपनी बात रखने का अधिकार देना जरूरी है।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े नेतृत्व पर लोकतंत्र के प्रति उनके रवैये को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के खिलाफ आवाज उठाने वालों को डराने और अपमानित करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि सत्ता खोने का डर पुलिस कार्रवाई के रूप में युवाओं और महिलाओं पर दिखाई दे रहा है। हालांकि, ये आरोप राहुल गांधी के बयान पर आधारित हैं और वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के आधार पर नहीं हुई है।
राजनीतिक माहौल में बढ़ा टकराव
दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर विपक्ष तथा केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक टकराव जारी है। राहुल गांधी के ताजा बयान ने एक बार फिर लोकतांत्रिक अधिकारों, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार को लेकर बहस तेज कर दी है।
फिलहाल, इस मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों और केंद्र सरकार का पक्ष भी महत्वपूर्ण है, ताकि लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आ सके।









