डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर ‘फेल्ड प्रोडक्ट’ संबंधी टिप्पणी किए जाने के बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पलटवार किया है। थरूर ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि पिछले कुछ महीनों में युवा मतदाताओं के बीच उनके प्रति उत्साह बढ़ा है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता पर ध्यान देने की सलाह भी दी।
यह मामला 22 अक्टूबर को आयोजित एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन से जुड़ा है। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि पार्टी अपने नेता को राजनीतिक रूप से स्थापित करने के लिए बार-बार प्रयास कर रही है, लेकिन उसे सफलता नहीं मिल रही है। उनकी टिप्पणी को राहुल गांधी पर कटाक्ष के रूप में देखा गया।
थरूर ने भाजपा को दी ध्यान देने की सलाह
23 अक्टूबर को एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में बातचीत के दौरान शशि थरूर ने कहा कि राहुल गांधी ने विशेष रूप से युवा मतदाताओं के बीच उत्साह पैदा किया है। उनके मुताबिक, भाजपा को इस बात को गंभीरता से समझने और ध्यान देने की जरूरत है। थरूर ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को निशाना बनाने के पीछे एक वजह यह हो सकती है कि भाजपा ने उनकी राजनीतिक भूमिका को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है।
कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में नेहरू-गांधी परिवार को कांग्रेस के लिए बोझ बताया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए थरूर ने कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी में उन्होंने कई बार अपने विचार रखे हैं, जो पार्टी के विचारों से अलग भी रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद वह कांग्रेस में बने हुए हैं।
थरूर ने कहा कि पार्टी में अलग विचार रखने का अर्थ यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को गलत या अलग-थलग मान लिया जाए। उन्होंने विपक्षी एकता और देश के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर भाजपा तथा केंद्र सरकार का मुकाबला करने की कांग्रेस की क्षमता पर भी भरोसा जताया।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और शशि थरूर के बयानों के बाद राहुल गांधी की राजनीतिक भूमिका और कांग्रेस की रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जहां प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के नेतृत्व और उसकी राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल उठाए, वहीं थरूर ने राहुल गांधी के समर्थन में युवाओं के बीच उनके प्रभाव को रेखांकित किया। इस बयानबाजी ने सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक बहस को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।









