भारत-चीन सीमा पर तनाव की खबरों से गरमाई सियासत, कांग्रेस ने सरकार को घेरा

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डेस्क : अरुणाचल प्रदेश में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच कई स्थानों पर टकराव की खबरों के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर के बयान के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई सवाल पूछे हैं। विपक्षी पार्टी ने सीमा सुरक्षा से जुड़े घटनाक्रम पर सरकार की प्रतिक्रिया और चीन के प्रति उसकी नीति पर सवाल उठाए हैं।

ITBP प्रमुख ने क्या कहा?

ITBP महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने गुरुवार को बताया कि अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि ITBP की नवगठित शौर्य कमांडो यूनिट ने इन परिस्थितियों में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया है।

सीमा पर सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने के लिए ITBP विशेष प्रशिक्षण, आधुनिक युद्ध तकनीकों और कमांडो क्षमताओं पर जोर दे रहा है। भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यह बयान ऐसे समय आया है, जब सीमा पर तनाव की खबरें चर्चा में हैं।

कांग्रेस ने पीएम मोदी की चुप्पी पर उठाए सवाल

ITBP प्रमुख के बयान के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीमा पर जारी घटनाक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार सीमा सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवालों का पर्याप्त जवाब नहीं दे रही है।

खेड़ा ने दावा किया कि पहले भी सीमा पर गश्त से जुड़े बिंदुओं को लेकर चिंताएं सामने आई थीं। उन्होंने 65 पेट्रोलिंग पॉइंट्स में से 26 पर नियंत्रण खोने संबंधी दावे का जिक्र करते हुए सरकार से जवाब मांगा।

कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि भारत-चीन संबंधों में उच्चस्तरीय मुलाकातों और बातचीत के बावजूद सीमा विवाद को लेकर क्या प्रगति हुई है।

जयराम रमेश ने व्यापार घाटे का मुद्दा उठाया

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी चीन नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अरुणाचल प्रदेश में सैनिकों के बीच टकराव की खबरों के बावजूद प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

रमेश ने चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि वित्त वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 112 अरब डॉलर हो गया, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 99 अरब डॉलर था। उन्होंने इसे भारतीय उद्योगों और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी चिंता बताया।

कांग्रेस नेता ने अरुणाचल प्रदेश में चीन की ओर से स्थानों के नाम बदलने और एक बड़े बांध के निर्माण से संबंधित खबरों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इन गतिविधियों से भारत की क्षेत्रीय, पर्यावरणीय और जल सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा होती हैं।

ब्रिक्स सम्मेलन में शी जिनपिंग से मुलाकात पर भी निशाना

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात को लेकर भी सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि सीमा पर तनाव की खबरों के बीच सरकार को चीन के सामने भारत के सुरक्षा हितों को लेकर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर ITBP प्रमुख के बयान का हवाला देते हुए केंद्र से पूरे घटनाक्रम पर जानकारी देने की मांग की है।

सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर नजर

अरुणाचल प्रदेश में कथित टकराव और इस पर कांग्रेस के आरोपों के बीच केंद्र सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल, उपलब्ध रिपोर्टों में कांग्रेस के आरोपों के जवाब में केंद्र सरकार या भाजपा की तत्काल प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।

सीमा पर वास्तविक स्थिति, गश्त से जुड़े दावों और चीन के साथ बातचीत के परिणामों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।