राहुल गांधी को निर्मला सीतारमण की दो टूक, बोलीं— हर बात में भूत-प्रेत देखना बंद करें!

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नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को करारा जवाब दिया है और हर जगह भूत-प्रेत न देखने की सलाह दी है। दरअसल, राहुल गांधी ने सरकार पर टाटा को “आपराधिक तरीके से बर्बाद” करने का आरोप लगाया था और दावा किया था कि कारोबारी नेता बोलने से डरते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर राहुल गांधी की पोस्ट का जवाब देते हुए, सीतारमण ने बुधवार को उनसे हर मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की अपील की। ​​उन्होंने कहा कि व्यावसायिक और कानूनी मामलों को यूं ही ‘आपराधिक’ करार देना स्वीकार्य नहीं है।

सीतारमण ने लिखा, “विपक्ष के नेता के तौर पर, मेरी सलाह है कि आप हर मुद्दे का राजनीतिकरण करने से बचें। साथ ही, व्यावसायिक और कानूनी मामलों को यूं ही ‘आपराधिक’ करार देना स्वीकार्य नहीं है।” उन्होंने आगे लिखा, “आपने बार-बार भारतीय उद्योग जगत और हमारे उद्यमियों की सफलताओं की आलोचना की है। क्या अब आप हमारे व्यापारिक नेताओं को भी अपने साथ मिलाकर अविश्वास और नफरत फैलाने के लिए उकसाने की कोशिश कर रहे हैं? दशकों तक, आपकी पार्टी ने ‘लाइसेंस-कोटा राज’ के दमघोंटू माहौल में भारतीय उद्यमियों की भावना को दबाए रखा और करोड़ों भारतीयों को गरीबी में धकेल दिया।”

हमारी सरकार आर्थिक विकास को गति देने वाली

सीतारमण ने आगे लिखा, “दूसरी ओर, प्रधानमंत्री @narendramodi के नेतृत्व वाली हमारी सरकार भारतीय उद्योग जगत को ‘रोजगार पैदा करने वाले’ और ‘आर्थिक विकास को गति देने वाले’ के रूप में महत्व देती है। हमारी नीतियां इस तरह बनाई गई हैं कि वे उद्यमों को सक्षम बनाएं, उद्योगों को समर्थन दें और निवेश को बढ़ावा दें। राजनीतिक दलों, नेताओं, सरकारों और संस्थाओं की यह समान जिम्मेदारी है कि वे हमारे उद्योगों का समर्थन करें, किसानों को सशक्त बनाएं और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करें। इसलिए, अपने संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों को साधने के लिए बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय, रचनात्मक तरीके से जुड़ना ज्यादा जरूरी है।”

वित्त मंत्री ने अपने पोस्ट में आगे लिखा है, “भारत का संविधान अपने सभी नागरिकों को न्याय की गारंटी देता है और हमारे माननीय न्यायालयों की जिम्मेदारी है कि वे इस न्याय को बनाए रखें। इतिहास गवाह है कि आपने, आपकी पार्टी ने और आपकी पार्टी से जुड़े प्रधानमंत्रियों ने किस तरह बेहद खराब तरीके से न्यायपालिका का अपमान किया है। इसलिए राहुल जी, हर जगह भूत-प्रेत (साजिशें) देखना बंद करें।”