राहुल गांधी पर एफआईआर से गरमाई सियासत, खड़गे बोले- ‘डराने की कोशिश’ सफल नहीं होगी

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नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। खड़गे ने आरोप लगाया कि दलितों, महिलाओं, छात्रों, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाने वाले राहुल गांधी को डराने और उनका मनोबल गिराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि एफआईआर से कांग्रेस डरने वाली नहीं है और पार्टी ऐसे मामलों का सामना करती रहेगी।

खड़गे ने कहा कि राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के प्रमुख नेता हैं और वह संसद के भीतर तथा बाहर लगातार आम लोगों और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा, “अगर एफआईआर दर्ज करके ऐसे नेता को डराने की कोशिश की जाती है, जो दलितों, महिलाओं और छात्रों की आवाज उठाता है, तो कांग्रेस डरने वाली नहीं है।”

उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जितनी एफआईआर दर्ज कराए, कांग्रेस उनका सामना करेगी। खड़गे ने आरोप लगाया कि यदि भाजपा राहुल गांधी को दलितों के हित में आवाज उठाने के कारण निशाना बना रही है, तो यह कोशिश सफल नहीं होगी।

हल्द्वानी में शुद्धिकरण को लेकर शुरू हुआ विवाद

विवाद की शुरुआत 8 अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली के बाद हुई। यह रैली 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच आयोजित की गई थी। रैली के बाद एक दक्षिणपंथी संगठन से जुड़े लोगों ने कार्यक्रम स्थल पर कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान किया था।

कांग्रेस नेताओं ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई थी। खड़गे ने राज्यसभा में भी यह मुद्दा उठाते हुए सवाल किया था कि लोकतांत्रिक देश में इस तरह की प्रथा को कैसे स्वीकार किया जा सकता है। उन्होंने इसे अपनी दलित पहचान से जोड़ते हुए कहा था कि मामला केवल उनका नहीं, बल्कि देश के दलित समुदाय से जुड़ा हुआ है।

30 अगस्त को राहुल गांधी के खिलाफ FIR

राहुल गांधी द्वारा शुद्धिकरण अनुष्ठान को लेकर की गई टिप्पणी के बाद 30 अगस्त को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। यह कार्रवाई अमित कुमार की शिकायत पर हुई, जो वाल्मीकि समुदाय से संबंधित बताए गए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी की टिप्पणी से अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाएं आहत हुईं।

पुलिस ने मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं 3(1)(r) और 3(1)(u) के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 196 के तहत मामला दर्ज किया है।

इससे पहले राहुल गांधी ने शुद्धिकरण की घटना को “छुआछूत का दूसरा नाम” बताते हुए इसे संविधान की भावना के खिलाफ करार दिया था। उन्होंने शुद्धिकरण में शामिल लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।

खड़गे ने नड्डा को लिखा पत्र

खड़गे ने बताया कि उन्होंने बुधवार को राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा को पत्र लिखकर इस मामले में सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन पर अब तक कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया है।

उन्होंने कहा कि सरकार के आश्वासन को 30 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। खड़गे ने कहा कि उन्होंने पत्र में राज्यसभा में हुई पूरी घटना का उल्लेख किया है और अब वह नड्डा के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

भाजपा ने आरोपों को खारिज किया

वहीं, भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस पूरे मामले में कोई जातिगत कोण नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर हिंदू समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और मामला अब संसद से लेकर उत्तराखंड की राजनीति तक चर्चा का विषय बना हुआ है।