डेस्क : उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच सियासी गणित को लेकर हलचल तेज हो गई है। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पास आठ सीटें हासिल करने के लिए पर्याप्त संख्या दिखाई दे रही है। वहीं समाजवादी पार्टी के खाते में दो सीटें जाने का गणित बन रहा है।
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है। इनमें आठ सीटें भाजपा, जबकि एक-एक सीट समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के पास है। विधानसभा की छह सीटें रिक्त होने के कारण प्रभावी संख्या 397 विधायक है। मौजूदा गणित के अनुसार एक राज्यसभा सीट के लिए 37 वोटों की जरूरत होगी।
राजग के पास 294 विधायकों का समर्थन
भाजपा के उत्तर प्रदेश विधानसभा में 256 विधायक हैं। उसके सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) के 13, राष्ट्रीय लोकदल के नौ, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के छह और निषाद पार्टी के पांच विधायक हैं। इसके अलावा जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के दो विधायकों का समर्थन भी राजग के साथ माना जा रहा है। इस तरह राजग का संख्या बल 294 तक पहुंचता है।
इस संख्या के आधार पर भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन आठ राज्यसभा सीटों के लिए जरूरी 296 वोट के बेहद करीब है। हालांकि मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग, अनुपस्थिति और अन्य विधायकों के समर्थन से अंतिम तस्वीर में बदलाव हो सकता है।
सपा के पास दो सीटों का गणित
समाजवादी पार्टी के पास 101 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के दो विधायक उसके साथ हैं। दोनों दलों का संयुक्त संख्या बल 103 है। इस आधार पर सपा-कांग्रेस खेमे के लिए दो राज्यसभा सीटों का गणित बनता है। हालांकि तीसरी सीट के लिए अतिरिक्त वोट जुटाने की आवश्यकता होगी।
बसपा के सामने राज्यसभा में प्रतिनिधित्व बचाने की चुनौती
बहुजन समाज पार्टी के पास उत्तर प्रदेश विधानसभा में कोई विधायक नहीं है। पार्टी के राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम का कार्यकाल भी समाप्त होने जा रहा है। मौजूदा संख्या बल के आधार पर बसपा के लिए अपने दम पर राज्यसभा सीट हासिल करना संभव नहीं है। इससे उच्च सदन में पार्टी का प्रतिनिधित्व समाप्त होने की स्थिति बन सकती है।
राज्यसभा चुनाव के नतीजों पर 16 अक्टूबर को मतदान के बाद तस्वीर साफ होगी। चुनाव से पहले दलों की रणनीति, उम्मीदवारों की घोषणा और विधायकों के समर्थन का रुख महत्वपूर्ण रहेगा।








