डेस्क : उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने राम भक्तों पर कथित हिंसा और अयोध्या की धार्मिक पहचान को लेकर विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि कुछ लोग अब राम मंदिर को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि इतिहास में उन्हीं लोगों की भूमिका पर सवाल खड़े होते रहे हैं।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि जो लोग कभी राम भक्तों पर गोली चलवाने जैसी घटनाओं से जुड़े रहे, वही आज अयोध्या और राम मंदिर को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर “दोहरी राजनीति” करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अयोध्या की धार्मिक पहचान को मजबूत करने का काम सरकार ने किया है और इसे एक भव्य धार्मिक नगर के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अयोध्या केवल एक शहर नहीं, बल्कि आस्था का केंद्र है, और इसे उसी भावना के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी दोहराया कि राम मंदिर आंदोलन और निर्माण प्रक्रिया करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है, जिसे किसी भी राजनीतिक बयानबाजी से कमजोर नहीं किया जा सकता।
यह बयान ऐसे समय आया है जब राम मंदिर से जुड़े कथित धन अनियमितताओं और जांच को लेकर प्रदेश की राजनीति पहले से ही गरमाई हुई है। हाल के दिनों में राम मंदिर और अयोध्या को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच तीखी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।
सीएम योगी के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और तेज प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।


