डेस्क : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी ने बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है। बसपा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे अनंत कुमार मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। बसपा प्रमुख मायावती ने 13 अगस्त को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि अंटू मिश्रा को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अन्य कारणों के चलते तत्काल प्रभाव से बाहर किया गया है।
मायावती ने खुद दी जानकारी
मायावती ने अपने बयान में कहा कि अंटू मिश्रा को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निष्कासित किया गया है। उन्होंने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से चुनावी माहौल के बीच विरोधियों के कथित हथकंडों से सतर्क रहने और पार्टी के मिशन को मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा से काम करने की अपील की।
अंटू मिश्रा बोले- जल्द रखेंगे अपना पक्ष
पार्टी से निष्कासन के बाद अंटू मिश्रा की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह इस मामले पर कुछ नहीं कहना चाहते। उन्होंने संकेत दिया कि एक-दो दिन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले पर अपना पक्ष रखेंगे।
मायावती लगातार ले रही हैं संगठनात्मक फैसले
अंटू मिश्रा से पहले मायावती पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ और पार्टी नेता रणधीर सिंह बेनीवाल के खिलाफ भी निष्कासन की कार्रवाई कर चुकी हैं। पार्टी की ओर से इन नेताओं पर अनुशासनहीनता और दिशा-निर्देशों के उल्लंघन जैसे आरोप लगाए गए थे।
चुनाव से पहले बसपा में बढ़ी हलचल
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। ऐसे समय में अंटू मिश्रा जैसे पूर्व मंत्री को पार्टी से बाहर किए जाने को बसपा के भीतर संगठनात्मक अनुशासन और चुनावी तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, अंटू मिश्रा के आगामी कदम और उनके सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखने के बाद ही पूरे विवाद की तस्वीर और स्पष्ट होगी।







