रेखा गुप्ता सरकार का ऐलान: 50 हजार CCTV कैमरे, 9 औद्योगिक क्षेत्रों पर 170 करोड़

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नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और औद्योगिक क्षेत्रों की तस्वीर बदलने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दो बड़ी पहलों की घोषणा की है। दिल्ली में 50 हजार नए सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है, वहीं नौ औद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर 170 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा को बेहतर बनाने के साथ-साथ उद्योगों के लिए आधुनिक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। <Cite refs={[“turn130464search0″,”turn130464search2”]}/>

50 हजार नए CCTV कैमरों से बढ़ेगी निगरानी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूरी राष्ट्रीय राजधानी में 50 हजार नए सीसीटीवी कैमरे लगाने की घोषणा की है। इसके साथ ही स्मार्ट स्ट्रीटलाइटें लगाने की भी योजना है। इन पहलों से शहर में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

प्रस्तावित कैमरों के रखरखाव के लिए वार्षिक रखरखाव अनुबंध (AMC) की व्यवस्था की जाएगी, ताकि कैमरे खराब होने पर समय रहते उनकी मरम्मत हो सके। स्मार्ट स्ट्रीटलाइटों को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से जोड़ने की योजना है, जिससे उनकी खराबी का स्वतः पता लगाया जा सकेगा और मरम्मत की प्रक्रिया तेज हो सकेगी। <Cite refs={[“turn130464search1″,”turn130464search2”]}/>

170 करोड़ रुपये से नौ औद्योगिक क्षेत्रों का विकास

दिल्ली सरकार ने नौ औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 170 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास किया है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को राजस्थानी उद्योग नगर औद्योगिक क्षेत्र से इन कार्यों की शुरुआत की।

योजना के तहत लगभग 15 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण और 34 किलोमीटर लंबी जल निकासी नालियों का विकास किया जाएगा। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में आवागमन सुगम बनाने और बारिश के दौरान जलभराव की समस्या कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इन क्षेत्रों में नांगलोई जाट, एस-ब्लॉक ओखला फेज-2, राजस्थानी उद्योग नगर, जीटीके उद्योग नगर, नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया, लॉरेंस रोड, नजफगढ़ के रामा रोड क्षेत्र और डीएलएफ मोती नगर सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। <Cite refs={[“turn130464search0″,”turn130464search1”]}/>

बार-बार सड़क खोदने की समस्या से मिलेगी राहत

परियोजनाओं में भूमिगत यूटिलिटी डक्ट्स बनाने का भी प्रावधान है। इससे बिजली, पानी, टेलीकॉम और अन्य सेवाओं की लाइन बिछाने या मरम्मत करने के लिए बार-बार सड़क खोदने की जरूरत कम होगी।

बेहतर सड़कें और जल निकासी व्यवस्था उद्योगों के दैनिक कामकाज को आसान बनाने के साथ बारिश में होने वाली परेशानियों को कम कर सकती हैं। सरकार का लक्ष्य औद्योगिक क्षेत्रों में आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करना और कारोबार के लिए सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराना है।

उद्योगों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर

उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत थी। सरकार ने अब इन क्षेत्रों के कायाकल्प के लिए 170 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।

दिल्ली सरकार की इन पहलों से एक ओर राजधानी की निगरानी और सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत करने की कोशिश होगी, वहीं दूसरी ओर औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, जल निकासी और अन्य आधारभूत सुविधाओं में सुधार का रास्ता खुलेगा। हालांकि, सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और सभी विकास कार्यों को पूरा करने की विस्तृत समयसीमा की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।