रूस में प्लेग की आशंका के बीच भारत अलर्ट, 70 हजार भारतीयों की सुरक्षा पर नजर

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डेस्क : रूस के साइबेरिया क्षेत्र में प्लेग की आशंका के बीच भारत सरकार ने कहा है कि वह वहां रह रहे भारतीय नागरिकों से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि फिलहाल रूस में प्लेग की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को कहा कि रूस में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की मदद की जरूरत पड़ने पर भारतीय दूतावास और सरकार अपने नागरिकों की सहायता के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। प्लेग की स्थिति पर उन्होंने कहा कि संबंधित देश और वहां के अधिकारी इस मामले में अधिक बेहतर जानकारी दे सकते हैं।

रूस में 70 हजार भारतीय

विदेश मंत्रालय के मुताबिक रूस में 30 हजार से अधिक भारतीय छात्र और करीब 70 हजार भारतीय नागरिक रह रहे हैं। सरकार ने कहा है कि वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा से जुड़े किसी भी आपात हालात से निपटने के लिए आवश्यक तैयारी रखी गई है।

क्या है पूरा मामला

साइबेरिया के इरकुत्स्क क्षेत्र में प्लेग अनुसंधान संस्थान में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी की 2 अक्टूबर को मौत हो गई थी। महिला की मौत गंभीर निमोनिया के बाद हुई। इसके बाद आशंका जताई गई कि वह काम के दौरान प्लेग बैक्टीरिया के संपर्क में आई होंगी। हालांकि रूस ने अब तक प्लेग संक्रमण की पुष्टि नहीं की है।

रूस की स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा है कि मृत महिला के संपर्क में आए लोगों में प्लेग का कोई मामला सामने नहीं आया है। एहतियात के तौर पर करीब 200 लोगों को निगरानी और क्वारंटीन में रखा गया है।

WHO ने भी मांगी जानकारी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने रूस से महिला की मौत और किए गए परीक्षणों से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी मांगी है। WHO का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि महिला की मौत किस संक्रमण के कारण हुई। संगठन ने कहा है कि पूरी जानकारी मिलने के बाद ही संभावित स्वास्थ्य जोखिम का सही आकलन किया जा सकेगा।

भारत सरकार ने फिलहाल रूस में रह रहे अपने नागरिकों को लेकर किसी विशेष निकासी या यात्रा प्रतिबंध की घोषणा नहीं की है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।