डेस्क : रूस के इरकुत्स्क क्षेत्र में एक लैब कर्मचारी की मौत के बाद संभावित न्यूमोनिक प्लेग को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस बीच गोवा में रूस से आने वाले पर्यटकों की एहतियाती स्वास्थ्य जांच कराने की मांग उठी है। गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ ने राज्य सरकार से रूस से आने वाले सभी पर्यटकों की स्क्रीनिंग कराने की अपील की है।
रिपोर्टों के अनुसार, साइबेरिया के इरकुत्स्क स्थित एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में काम करने वाली 28 वर्षीय महिला कर्मचारी की पिछले सप्ताह मौत हो गई थी। उसके संपर्क में आए करीब 200 लोगों को एहतियात के तौर पर क्वारंटीन किया गया है। हालांकि, रूसी अधिकारियों ने कहा है कि महिला की मौत 2 अक्टूबर को निमोनिया से हुई और इसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल महामारी फैलने का कोई खतरा नहीं है।
गोवा पहुंच रहे बड़ी संख्या में रूसी पर्यटक
गोवा में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन सीजन शुरू हो चुका है। रूस से पर्यटकों के आने का सिलसिला भी जारी है। हाल ही में येकातेरिनबर्ग से 162 यात्रियों को लेकर पहली चार्टर उड़ान गोवा पहुंची, जबकि 4 अक्टूबर को मॉस्को से 285 यात्रियों वाली एक अन्य चार्टर उड़ान पहुंची। रूस गोवा के प्रमुख विदेशी पर्यटन बाजारों में शामिल है।
विपक्ष के नेता ने कहा कि पर्यटन गोवा की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, लेकिन पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा भी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र और राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों के समन्वय से रूस से आने वाले यात्रियों की निगरानी और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था करने की मांग की।
डब्ल्यूएचओ ने रूस से मांगी जानकारी
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी मामले को लेकर रूस से अतिरिक्त जानकारी मांगी है। संगठन की ओर से संभावित सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम का आकलन करने के लिए संबंधित जानकारी साझा करने पर जोर दिया गया है।
वहीं, गोवा सरकार ने कहा है कि उसे अभी विश्व स्वास्थ्य संगठन या किसी अन्य स्वास्थ्य नियामक संस्था की ओर से इस संबंध में कोई विशेष एडवाइजरी प्राप्त नहीं हुई है। सरकार का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से कोई दिशा-निर्देश मिलने पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।








