डेस्क : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की तुलना में रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता करने के अधिक इच्छुक हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध समाप्त करने के लिए दोनों नेताओं को एक साथ बैठकर समाधान निकालना होगा। ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने के प्रस्तावित सीजफायर के कथित उल्लंघन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच ट्रंप ने कहा कि वह इस मामले की रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे।
ओहायो में मध्यावधि चुनाव के प्रचार कार्यक्रम के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने युद्ध में हो रही मौतों पर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि इस महीने युद्ध में 32,000 लोगों की जान गई है, जिनमें ज्यादातर सैनिक हैं। ट्रंप ने कहा कि यह युद्ध विनाशकारी है और इसे जल्द समाप्त किया जाना चाहिए।
सीजफायर के बावजूद रूस की ओर से हमले जारी रहने संबंधी सवाल पर ट्रंप ने कहा कि वह रिपोर्टों की जांच करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों की ओर से उल्लंघन किए जाने की खबरें सामने आई हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या रूस और यूक्रेन ने औपचारिक रूप से सीजफायर पर सहमति जताई है, तो ट्रंप ने कहा कि दोनों पक्ष सहमत हैं और अब इस संघर्ष का समाधान निकाला जाना चाहिए।
पुतिन और जेलेंस्की समझौते के पक्ष में: ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि पुतिन और जेलेंस्की दोनों समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वे यह नहीं जानते कि इसे किस तरह आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका दोनों देशों को समझौते तक पहुंचाने का प्रयास करेगा।
यह पूछे जाने पर कि लगातार रूसी हमलों के बावजूद क्या पुतिन बातचीत के लिए गंभीर हैं, ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि समझौता होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुतिन, जेलेंस्की की तुलना में समझौते के लिए अधिक इच्छुक हैं।
जेलेंस्की ने रूस पर लगाए सीजफायर उल्लंघन के आरोप
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस पर ऊर्जा प्रतिष्ठानों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाते रहने का आरोप लगाया है। सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि रूस ने कीव में एक बहुमंजिला आवासीय इमारत पर शाहेद ड्रोन से हमला किया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गए।
जेलेंस्की ने कहा कि रूस आम नागरिकों और आवासीय इमारतों को निशाना बनाकर हमले जारी रखे हुए है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि रूस पर दबाव बढ़ाने की जरूरत है। उनके अनुसार, इन हमलों से स्पष्ट होता है कि रूस युद्ध को लंबा खींच रहा है।
जेलेंस्की ने एक अन्य पोस्ट में दावा किया कि ट्रंप की ऊर्जा सीजफायर संबंधी घोषणा के बाद यूक्रेन ने पिछली रात रूस के ऊर्जा ठिकानों पर हमला नहीं किया, जबकि रूस ने यूक्रेन के गैस स्टेशनों, ऊर्जा ढांचे और अन्य ठिकानों को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने के लिए प्रतिबद्ध है और रूस से भी इसी तरह के कदम उठाने की अपेक्षा करता है।
रूस पर यूरोपीय संघ ने बढ़ाया आर्थिक दबाव
इस बीच, यूरोपीय संघ ने रूस के सैन्य-औद्योगिक नेटवर्क और कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों में चुनावों से जुड़े व्यक्तियों को निशाना बनाते हुए नए प्रतिबंधों की घोषणा की। यूरोपीय परिषद की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रतिबंधों के तहत 1,569 व्यक्तियों और संस्थाओं को सूचीबद्ध किया गया है। इनमें 826 रूसी कंपनियां और उन कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के रूप में सूचीबद्ध 743 व्यक्ति शामिल हैं।
इस नए कदम के साथ यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन में यूरोपीय संघ की प्रतिबंध सूची में शामिल व्यक्तियों और संस्थाओं की कुल संख्या लगभग 4,600 हो गई है।
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने कहा कि युद्ध समाप्त कराने के लिए रूस पर लगातार आर्थिक दबाव बनाए रखना जरूरी है। वहीं, जेलेंस्की ने इन प्रतिबंधों का स्वागत करते हुए इसे सही और जरूरी संदेश बताया।
रूसी डीजल आपूर्ति पर ट्रंप का बचाव
रूस से डीजल की आपूर्ति जारी रखने के फैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल अमेरिका नहीं, बल्कि व्यापक अंतरराष्ट्रीय बाजार के हितों को ध्यान में रखना है। उन्होंने कहा कि तेल की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगाने से दुनिया के अन्य देशों पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका चाहे तो डीजल आपूर्ति सीमित करके ईंधन का इस्तेमाल घरेलू जरूरतों के लिए कर सकता है, लेकिन इसका असर वैश्विक बाजार पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि किसानों और पशुपालन से जुड़े लोगों के हित में उठाए जाने वाले कदम उन्हें उचित लगते हैं। साथ ही उन्होंने जेलेंस्की से विवादों पर चर्चा करने के बजाय समझौते की दिशा में आगे बढ़ने पर ध्यान देने को कहा।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर यह दावा भी किया कि यूरोपीय संघ ने रूस को ऊर्जा के लिए 250 अरब डॉलर का भुगतान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया इस मुद्दे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है।
रूस ने वैश्विक बाजार में ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाने की जताई इच्छा
इससे पहले शुक्रवार को ट्रंप ने रूस से बड़ी मात्रा में डीजल ईंधन की आपूर्ति का जिक्र किया था। उनके अनुसार, रूस 3 लाख टन से अधिक डीजल की आपूर्ति करेगा, जिसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन ईंधन उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने आगे कुछ ही समय में अतिरिक्त 30 लाख टन आपूर्ति की संभावना भी जताई थी। यह आपूर्ति रूसी डीजल रिफाइनरियों की स्थिति पर निर्भर बताई गई।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी कहा था कि अमेरिका और वैश्विक बाजारों को रूसी तेल तथा पेट्रोलियम उत्पादों की प्रस्तावित आपूर्ति से विश्व अर्थव्यवस्था को लाभ हो सकता है। रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार को ट्रंप और पुतिन के बीच फोन पर हुई बातचीत में यूक्रेन युद्ध, ईरान और वैश्विक ऊर्जा स्थिति पर चर्चा हुई।
फिलहाल, रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। ऐसे में प्रस्तावित सीजफायर की वास्तविक स्थिति और युद्ध समाप्त करने के लिए किसी ठोस समझौते तक पहुंचने की संभावना पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।









