डेस्क : संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच भारत-अमेरिका संबंधों के साथ रूस और ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों, खाड़ी क्षेत्र तथा यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा हुई। इस दौरान जयशंकर ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत की चिंताओं को अमेरिकी पक्ष के सामने रखा।
जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बैठक की जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट (SRIA) को लेकर भारत के हितों और चिंताओं को दोहराया। दोनों नेताओं ने खाड़ी क्षेत्र और यूक्रेन की मौजूदा स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका ने रूस और ईरान से संबंधित नए प्रतिबंध कानून को मंजूरी दी है। इस कानून के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया है। हालांकि, यह शुल्क स्वतः लागू नहीं होता। इसके लिए अमेरिकी प्रशासन को अलग से निर्णय लेना होगा।
भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की खरीद करता है। ऐसे में नए अमेरिकी कानून के संभावित प्रभाव को लेकर भारत ने अपनी चिंता जताई है। भारत का कहना है कि उसकी ऊर्जा नीति देश की ऊर्जा जरूरतों और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर तय होती है। ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक के बाद रूबियो ने भी भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और प्रमुख क्षेत्रीय तथा बहुपक्षीय मुद्दों पर दोनों देशों के बीच समन्वय जारी रखने की बात कही।
जयशंकर और रूबियो की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब रूसी तेल की खरीद, व्यापार और अमेरिकी टैरिफ से जुड़े मुद्दे भारत-अमेरिका संबंधों में महत्वपूर्ण बने हुए हैं।








