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डेस्क : राहुल गांधी ने सोमवार को केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार छात्रों को निशाना बना रही है और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली से जुड़ी शिकायतों की अनदेखी कर रही है।
राहुल गांधी ने दावा किया कि एक छात्र, जिसने अपनी उत्तरपुस्तिका में सुधार की मांग की थी, उसे सोशल मीडिया पर अपमानित किया गया और उसे “राष्ट्रविरोधी” तक कहा गया। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस सांसद ने लिखा कि मोदी–शाह की जोड़ी ने एक और संस्थान को “धांधली का प्रतीक” बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 18.5 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी, लेकिन ओएसएम प्रणाली, गलत मूल्यांकन और तकनीकी खामियों से जुड़ी शिकायतें एक सप्ताह से अनसुनी पड़ी हैं, जबकि शिक्षा मंत्री अपने पद पर बने हुए हैं। उन्होंने एक 17 वर्षीय छात्र का भी उल्लेख किया, जिसकी उत्तरपुस्तिका के गलत मूल्यांकन के बाद उसने न्याय की उम्मीद में सोशल मीडिया का सहारा लिया।
राहुल गांधी के अनुसार, उस छात्र को सहायता मिलने के बजाय ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा और उसे भाजपा के आईटी सेल द्वारा “एंटी-नेशनल”, “सोरस एजेंट” और “डीप स्टेट” का हिस्सा बताया गया।
वहीं, पिछले वर्षों के परीक्षा परिणामों के आंकड़ों में 2023 में 87.33 प्रतिशत, 2024 में 87.98 प्रतिशत और 2025 में 88.39 प्रतिशत पास प्रतिशत दर्ज किया गया था। हालांकि 2026 में इसमें गिरावट देखी गई और कुल पास प्रतिशत 85.20 पर आ गया। यह वही वर्ष है जब सीबीएसई ने नई ओएसएम प्रणाली लागू की थी।
छात्रों और अभिभावकों की ओर से डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर बढ़ते विरोध और चिंता के बीच सीबीएसई ने रविवार को घोषणा की कि जिन छात्रों से स्कैन कॉपी आवेदन के दौरान अतिरिक्त शुल्क लिया गया था, उसे वापस किया जाएगा।
सीबीएसई के 24 मई के नोटिस के अनुसार, 21 और 22 मई को स्कैन कॉपी आवेदन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी खामियों के कारण कुछ मामलों में गलत शुल्क कट गया था। बोर्ड ने यह भी बताया कि स्कैन कॉपी के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 24 मई से बढ़ाकर 25 मई 2026 की मध्यरात्रि तक कर दी गई है।
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