डेस्क : पाकिस्तान के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर के बड़े भाई शाहिद अख़्तर के अंतिम संस्कार को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। इस्लामाबाद में हुए जनाज़े के दौरान कुछ ऐसे लोगों की मौजूदगी देखी गई, जिन्हें प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े राजनीतिक फ्रंट से जुड़ा बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, शाहिद अख़्तर का निधन 24 जून को हृदयाघात के कारण हुआ था और उनका अंतिम संस्कार इस्लामाबाद स्थित एच-8 कब्रिस्तान में किया गया। शोएब अख़्तर ने स्वयं सोशल मीडिया पर अपने बड़े भाई के निधन की जानकारी साझा की थी और नमाज़-ए-जनाज़ा की पुष्टि की थी।
हालांकि अंतिम संस्कार के दौरान सामने आए वीडियो और तस्वीरों ने विवाद खड़ा कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनाज़े में पाकिस्तान मार्कज़ी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) से जुड़े कई नेता मौजूद थे, जिसे लश्कर-ए-तैयबा का राजनीतिक मोर्चा माना जाता है। इनमें संगठन से जुड़े कुछ प्रमुख नामों के शामिल होने का दावा किया गया है।
वीडियो में इन लोगों को नमाज़ की पंक्ति में खड़े होकर अंतिम विदाई देते हुए देखा गया, जिसके बाद सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इस पर तीखी बहस शुरू हो गई है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की उपस्थिति पाकिस्तान में प्रतिबंधित संगठनों के प्रभाव और गतिविधियों पर फिर से सवाल उठाती है।
वहीं अब तक इस पूरे विवाद पर शोएब अख़्तर या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इन कथित नेताओं को परिवार की ओर से आमंत्रित किया गया था या वे व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए थे, लेकिन घटना ने राजनीतिक और सुरक्षा दोनों स्तरों पर नई बहस को जन्म दे दिया है।


