डेस्क : मशहूर अभिनेत्री माधुरी दीक्षित ने अपने करियर के शुरुआती दौर को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में अपने शुरुआती दिनों में उन्हें भी बॉडी शेमिंग का सामना करना पड़ा था और उन्हें “बहुत पतली” कहकर लगातार टिप्पणियों का सामना करना पड़ता था।
माधुरी दीक्षित के अनुसार, जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब कुछ लोग उनके शरीर को लेकर टिप्पणी करते थे और कहते थे—“इसको कुछ खिला दो।” अभिनेत्री ने कहा कि उस समय इस तरह की बातें आम थीं, लेकिन यह मानसिक रूप से काफी प्रभावित करने वाली थीं।
उन्होंने बताया कि महिलाओं को अक्सर उनके शरीर के आकार को लेकर लगातार जज किया जाता है—कभी वजन बढ़ने पर, तो कभी कम होने पर। यह दबाव खासकर फिल्म इंडस्ट्री जैसी जगहों पर और भी ज्यादा महसूस होता है, जहां बाहरी रूप-रंग को लेकर कठोर मानक बनाए जाते हैं।
माधुरी ने यह भी कहा कि समय के साथ उन्होंने इन टिप्पणियों को नजरअंदाज करना सीखा और अपने काम तथा आत्मविश्वास पर ध्यान केंद्रित किया। उनके अनुसार, सफलता और आत्म-स्वीकृति ही ऐसे दबावों से बाहर निकलने का सबसे मजबूत तरीका है।
गौरतलब है कि माधुरी दीक्षित 1980 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री में आईं और शुरुआती असफलताओं के बाद 1988 की फिल्म ‘तेजाब’ से उन्हें बड़ी पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने ‘राम लखन’, ‘साजन’ और ‘हम आपके हैं कौन..!’ जैसी फिल्मों से हिंदी सिनेमा में अपनी मजबूत जगह बनाई।


