सिलीगुड़ी कॉरिडोर को लेकर बड़ा फैसला, 120 एकड़ भूमि केंद्र को सौंपे जाने की तैयारी

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डेस्क : पश्चिम बंगाल सरकार ने देश के अत्यंत रणनीतिक माने जाने वाले सिलीगुड़ी कॉरिडोर (जिसे “चिकन नेक” कहा जाता है) के पास स्थित लगभग 120 एकड़ भूमि केंद्र सरकार को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। यह क्षेत्र भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों को देश के मुख्य भूभाग से जोड़ने वाला एक संकरा लेकिन बेहद महत्वपूर्ण भू-भाग माना जाता है।

जानकारी के अनुसार, इस निर्णय के बाद इस क्षेत्र से गुजरने वाली कई प्रमुख सड़क और अवसंरचना परियोजनाओं की जिम्मेदारी अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम के पास होगी। इसके तहत क्षेत्र में चल रही और प्रस्तावित परियोजनाओं को तेज गति देने की योजना है।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य सिलीगुड़ी कॉरिडोर में बुनियादी ढांचे के विकास को मजबूत करना और कनेक्टिविटी परियोजनाओं को सुचारु रूप से आगे बढ़ाना है। यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि इसके एक ओर नेपाल, दूसरी ओर बांग्लादेश और निकटवर्ती क्षेत्र में भूटान स्थित है।

इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस फैसले को केंद्र सरकार की नीतियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है, जबकि विपक्षी दलों का कहना है कि इस तरह के फैसलों को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर को भारत की सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह पूर्वोत्तर राज्यों के लिए एकमात्र संकरे संपर्क मार्गों में से एक है।

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