सिंधु जल को लेकर पाकिस्तान की चेतावनी, शहबाज शरीफ ने कहा- पानी रोकना ‘युद्ध की कार्रवाई’ माना जाएगा

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डेस्क : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए सिंधु नदी तंत्र के पानी को लेकर भारत को कड़ी चेतावनी दी। शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने, बाधित करने या उसका रुख बदलने की किसी भी कोशिश को उनका देश “युद्ध की कार्रवाई” मानेगा।

शरीफ ने कहा कि सिंधु नदी तंत्र का साझा जल केवल पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए जीवनरेखा है। उन्होंने भारत के सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के फैसले को कानूनी आधार से रहित बताया। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में पाकिस्तान के रुख को संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों और हाल में मध्यस्थता न्यायालय के फैसले से समर्थन मिला है।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि सिंधु जल संधि दोनों देशों के बीच जल बंटवारे की व्यवस्था को निर्धारित करती है और पाकिस्तान का मानना है कि यह संधि अभी भी वैध, बाध्यकारी और पूरी तरह प्रभावी है।

उन्होंने कहा, “पानी को कभी हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए। नदियां देशों का पोषण करें, उन्हें विभाजित नहीं करें।” साथ ही उन्होंने भारत से कहा कि वह पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने, बाधित करने या उसका रुख बदलने की किसी भी कोशिश से बचे।

गौरतलब है कि सिंधु जल संधि पर भारत और पाकिस्तान ने 19 सितंबर 1960 को हस्ताक्षर किए थे। यह संधि सिंधु नदी तंत्र की नदियों के जल के उपयोग और बंटवारे से संबंधित है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने संधि को स्थगित रखने का फैसला किया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच जल बंटवारे को लेकर तनाव और बढ़ गया है।