डेस्क : विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के उच्चस्तरीय सप्ताह के दौरान कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र साइबर अपराध अभिसमय पर हस्ताक्षर किए और इसे सुरक्षित डिजिटल भविष्य के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि उन्होंने यूएनजीए-81 के इतर संयुक्त राष्ट्र साइबर अपराध अभिसमय पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि यह समझौता सुरक्षित डिजिटल भविष्य के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करेगा।
इस दौरान जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ भी बैठक की। दोनों नेताओं ने विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। बैठक में भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ ब्रिक्स के तहत सहयोग की भी समीक्षा की गई। रूस के विदेश मंत्रालय ने भी दोनों नेताओं की बैठक की जानकारी साझा की।
जयशंकर ने इसके अलावा भारत-खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ट्रोइका मंत्रिस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता की। न्यूयॉर्क में यूएनजीए के इतर हुई बैठक में भारत-जीसीसी संयुक्त कार्य योजना 2024-28 की प्रगति की समीक्षा की गई और दोनों पक्षों के बीच साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान भारत-जीसीसी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए वार्ता शुरू किए जाने का भी स्वागत किया गया। जयशंकर ने कहा कि भारत और खाड़ी देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, नई प्रौद्योगिकी, संस्कृति तथा जन-से-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।








