डेस्क : कॉमेडियन समय रैना एक बार फिर अपने एक मजाक को लेकर चर्चा में हैं। उनके शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के एक एपिसोड में बिहार को लेकर की गई टिप्पणी पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं सामने आईं। अब अभिनेता मनोज बाजपेयी ने इस पूरे मामले पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि अगर बात मजाक में कही गई है तो उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन हास्य के साथ सम्मान की भावना भी जरूरी है।
दरअसल, शो के नए एपिसोड में कॉमेडियन शैरन वर्मा बतौर मेहमान पहुंचीं। बातचीत के दौरान समय रैना ने शैरन के बिहारी होने को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने मजाक में कहा कि शैरन इतनी बिहारी हैं कि अगर कोई ‘इबोला’ भी बोलता है तो उन्हें लगता है कि किसी ने कुछ कहा है। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने नाराजगी जताई।
मनोज बाजपेयी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोगों को खुद पर हंसना और एक-दूसरे के साथ हंसना सीखना चाहिए। उनके मुताबिक, मजाक को लेकर हर बात पर बुरा या अपमानित महसूस करने की जरूरत नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हंसी-मजाक के साथ सामने वाले व्यक्ति, उसके समुदाय और उस जगह का सम्मान करना भी उतना ही जरूरी है जहां से वह आता है।
मनोज ने सुनाया अपने संघर्ष का किस्सा
मनोज बाजपेयी ने अपनी बात समझाने के लिए दिल्ली के दिनों का एक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वह करीब 18 साल के थे, तब एक बस में आगे के दरवाजे से चढ़ने की कोशिश कर रहे थे। शहर के नियमों की जानकारी नहीं होने पर बस चालक ने उन्हें ‘बिहारी’ कहकर पीछे से चढ़ने को कहा था।
अभिनेता ने कहा कि उन्हें उस बात का बुरा नहीं लगा, क्योंकि वह वास्तव में बिहार से थे और शहर में नए होने के कारण नियमों से अनजान थे। बाद में अलग-अलग राज्यों से दोस्त बनने के बाद वे सभी एक-दूसरे के साथ इसी तरह हंसी-मजाक करते थे।
मनोज बाजपेयी ने कहा कि स्वस्थ समाज की पहचान यही है कि लोग खुद पर और एक-दूसरे पर हंस सकें। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि परेशानी तब शुरू होती है जब कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी समुदाय या दूसरे व्यक्ति के लिए परेशानी का कारण बनता है। ऐसे मामलों में आपत्ति होना स्वाभाविक है।








