स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया। मंगलवार को रायपुर में खेले गए तीसरे और अंतिम मुकाबले में भारत ने जिम्बाब्वे को 92 रनों से शिकस्त दी। भारतीय टीम की जीत में पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर और सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी की अहम भूमिका रही।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट पर 216 रन बनाए। हरमनप्रीत कौर ने महज 41 गेंदों में 91 रनों की शानदार पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 10 चौके और पांच छक्के लगाए। हालांकि, वह शतक पूरा करने से चूक गईं, लेकिन उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया।
दूसरी ओर, शैफाली वर्मा ने भी शानदार लय का परिचय देते हुए 37 गेंदों में 69 रन बनाए। उन्होंने 27 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। दोनों बल्लेबाजों ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और तेजी से रन बटोरे। अनुष्का शर्मा ने 20 गेंदों में 28 रन का योगदान दिया, जबकि निकी प्रसाद नौ रन बनाकर आउट हुईं।
बड़े लक्ष्य के दबाव में बिखरा जिम्बाब्वे
217 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने संघर्ष करती नजर आई। शार्ने मेयर्स ने अर्धशतकीय पारी खेलकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन भारतीय टीम के विशाल स्कोर के सामने जिम्बाब्वे की चुनौती कमजोर पड़ गई। भारत ने अंततः 92 रनों से मुकाबला अपने नाम कर सीरीज में 3-0 की निर्णायक जीत दर्ज की।
मंधाना की कप्तानी में शानदार प्रदर्शन
स्मृति मंधाना की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने पूरी सीरीज के दौरान प्रभावशाली खेल दिखाया। पहले मुकाबले में जीत के साथ शुरुआत करने वाली भारतीय टीम ने दूसरे मैच में अपना दबदबा कायम रखा और तीसरे मैच में भी जीत हासिल कर सीरीज का शानदार समापन किया।
इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों के आक्रामक प्रदर्शन और टीम के सामूहिक प्रयास ने जीत की राह आसान बनाई। हरमनप्रीत कौर के अनुभव और शैफाली वर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी ने टीम को मजबूती दी। तीनों मुकाबले जीतकर भारतीय महिला टीम ने सीरीज में अपनी श्रेष्ठता साबित की।









