स्पोर्ट्स डेस्क : इंडियन विमेंस लीग (आईडब्ल्यूएल) 2026-27 सीजन की शुरुआत 13 नवंबर से होगी। भारत की प्रमुख महिला क्लब फुटबॉल प्रतियोगिता में इस बार आठ टीमें खिताब के लिए मैदान में उतरेंगी। टूर्नामेंट का आयोजन कोलकाता, जमशेदपुर और बेंगलुरु में किया जाएगा।
नए सीजन में महिला फुटबॉल को बढ़ावा देने और देश की प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता में पिछले सीजन की छह टीमें ईस्ट बंगाल एफसी, सेतु एफसी, किकस्टार्ट एफसी, नीता फुटबॉल एकेडमी, गोकुलम केरल एफसी और गढ़वाल यूनाइटेड एफसी शामिल होंगी। वहीं, आईडब्ल्यूएल-2 में शानदार प्रदर्शन के दम पर शीर्ष दो स्थान हासिल करने वाली हॉप्स एफसी और जुबा संघा एफसी ने भी मुख्य लीग में जगह बनाई है।
खिताब बचाने उतरेगी ईस्ट बंगाल
मौजूदा चैंपियन ईस्ट बंगाल एफसी नए सीजन में अपने खिताब का बचाव करने के इरादे से उतरेगी। टीम ने 2025-26 सीजन में शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 मुकाबलों में जीत दर्ज की थी, जबकि उसे केवल एक मैच में हार का सामना करना पड़ा था।
पिछले सीजन में व्यक्तिगत प्रदर्शन के मामले में ईस्ट बंगाल की फाजिला इक्वापुट सबसे आगे रहीं। उन्होंने 20 गोल करके लीग में सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। नीता फुटबॉल एकेडमी की प्यारी जाक्सा और सेतु एफसी की लिंडा कोम ने भी अपने आक्रामक खेल से प्रभावित किया था।
महिला फुटबॉल के विकास पर रहेगा जोर
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) और कैप्री स्पोर्ट्स के बीच आईडब्ल्यूएल तथा आईडब्ल्यूएल-2 के व्यावसायिक विकास और विपणन अधिकारों को लेकर 15 साल की साझेदारी के बाद यह नया सीजन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कैप्री स्पोर्ट्स में कॉन्टैक्ट स्पोर्ट्स के प्रमुख अपूर्व गुप्ता ने कहा कि 2026-27 सीजन कंपनी के लिए भारतीय महिला लीग के साथ नई शुरुआत का अवसर है। उन्होंने कहा कि लीग में काफी संभावनाएं हैं और देशभर की प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को एक मंच पर लाने में इसकी अहम भूमिका है। कंपनी का उद्देश्य महिला फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए बेहतर मंच तैयार करना, लीग की लोकप्रियता बढ़ाना और क्लबों व खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।
वहीं, एआईएफएफ के उप महासचिव एम. सत्यनारायण ने कहा कि इंडियन विमेंस लीग देश में महिला फुटबॉल के विकास का एक महत्वपूर्ण आधार है। आठ टीमों की भागीदारी से आगामी सीजन में प्रतिस्पर्धा और रोमांच बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने आईडब्ल्यूएल-2 को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता क्लबों और खिलाड़ियों को घरेलू फुटबॉल व्यवस्था में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती है।
नए सीजन के साथ भारतीय महिला फुटबॉल को नई पहचान दिलाने, खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देने और क्लब स्तर पर प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ने की उम्मीद है।









