उमर खालिद-शरजील इमाम पर पुलिस का बड़ा आरोप, दिल्ली दंगों का ‘मास्टरमाइंड’ बताया

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डेस्क : वर्ष २०२० के दिल्ली दंगों से जुड़े कथित बड़ी साजिश के मामले में दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं का विरोध किया है। पुलिस ने दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल हलफनामे में दोनों को दंगों का ‘मास्टरमाइंड’ बताते हुए कहा कि उनकी भूमिका अन्य आरोपियों से अलग और कमांड अथॉरिटी वाली थी।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों की ओर से दाखिल नई जमानत याचिकाएं गलतफहमी पर आधारित हैं और कानूनी रूप से टिकने योग्य नहीं हैं। पुलिस ने जनवरी में सुप्रीम कोर्ट की ओर से दोनों को जमानत देने से इनकार किए जाने का भी हवाला दिया है।

दिल्ली पुलिस ने अपने हलफनामे में कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम को कथित साजिश में केंद्रीय भूमिका निभाने वाले आरोपियों के रूप में देखा गया है। पुलिस का दावा है कि उनकी भूमिका अन्य सह-आरोपियों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण थी और दोनों पर साजिश की योजना और दिशा तय करने से जुड़े आरोप हैं।

दोनों ने ट्रायल कोर्ट के ४ जुलाई के उस आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गई थीं। हाई कोर्ट ने पिछले महीने उनकी अपीलों पर नोटिस जारी किया था। मामले की सुनवाई २७ अगस्त के लिए तय थी, लेकिन अदालत में अवकाश होने के कारण अब यह मामला सोमवार को सूचीबद्ध किया जाएगा।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी २०२६ में उमर खालिद और शरजील इमाम की भूमिका को अन्य सह-आरोपियों से अलग बताया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि अभियोजन के अनुसार दोनों पर कथित साजिश के वैचारिक और रणनीतिक स्तर पर केंद्रीय भूमिका निभाने के आरोप हैं। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि अंतिम दोष तय करना ट्रायल का विषय है।

दिल्ली पुलिस का ताजा हलफनामा अब हाई कोर्ट में दोनों की जमानत याचिकाओं पर होने वाली सुनवाई में अहम आधार बन सकता है।