वंदे मातरम् पर सियासी संग्राम, स्मृति ईरानी का सोनिया गांधी पर सीधा हमला

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डेस्क : वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी सियासी विवाद अब और तेज हो गया है। भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संसद किसी मुद्दे पर कानून बनाती है, तो क्या किसी नेता को उसे मानने से इनकार करने या कूड़ेदान में फेंकने का अधिकार है?

स्मृति ईरानी ने कहा कि वंदे मातरम् को कितना सम्मान दिया जाएगा और कितना नहीं, यह कोई राजनीतिक दल अपनी सुविधा के अनुसार तय नहीं कर सकता। उन्होंने भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद का उल्लेख करते हुए कहा कि 1950 में यह स्पष्ट किया गया था कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को भी जन गण मन के समान सम्मान दिया जाना चाहिए।

सोनिया गांधी पर सीधे सवाल

ईरानी ने वंदे मातरम् विवाद के संदर्भ में सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए पूछा कि संसद से पारित कानून को कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से कैसे खारिज कर सकता है। उन्होंने कहा कि संसद किसी विषय पर अपनी राय व्यक्त करती है और कानून बनाती है, तो उसका सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंने कांग्रेस कार्यालय में स्वतंत्रता दिवस के दौरान वंदे मातरम् के गायन को लेकर सामने आए वीडियो का भी जिक्र किया। भाजपा का आरोप है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने पूरे वंदे मातरम् के गायन पर आपत्ति जताई। हालांकि कांग्रेस ने इस आरोप को खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि सोनिया गांधी केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने की बात कर रही थीं।

दो पदों तक सीमित रखने पर भी विवाद

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि पार्टी अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल दो पदों का ही गायन करेगी। कांग्रेस ने इसके लिए 1937 में लिए गए एक पुराने निर्णय का हवाला दिया है।

स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के इस रुख पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय भावना और संघर्ष का प्रतीक रहा है। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि गीत के उन हिस्सों से उसे आपत्ति क्यों है, जिनमें मां भारती को ज्ञान और शक्ति के स्रोत के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

वंदे मातरम् को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच यह विवाद पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहा है। भाजपा नेताओं की ओर से कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत के अपमान का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि कांग्रेस इन आरोपों को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश बता रही है।